UTTAR PRADESH: पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर कथित रूप से देश में दहशत फैलाने की गतिविधियों में शामिल 4 आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS ) ने गिरफ्तार कर 5 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि ATS ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स में आगजनी जैसी राष्ट्रविरोधी साजिश रचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 7 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं, जिनमें अहम साक्ष्य मिलने की संभावना है।UTTAR PRADESH
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविल (25), अरबाब (20) और गौतम बुद्ध नगर के छपरौला निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) के रूप में हुई है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के अनुसार, गिरोह का मुख्य आरोपी साकिब मेरठ में बाल काटने का का काम करता है। उसका संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स से हुआ था।UTTAR PRADESH
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि एक अन्य व्यक्ति आकिब, जो वर्तमान में दुबई में होने की आशंका है, उसने उसका परिचय कराया था। आकिब के सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि साकिब ने 2 अप्रैल को लखनऊ में विस्फोट की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही ATS ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स तथा कट्टरपंथी समूहों से संपर्क में थे।UTTAR PRADESH
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जांच में सामने आया है कि यह गिरोह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक हस्तियों की रेकी करने जैसी गतिविधियों में शामिल था। आरोपियों ने कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं को अंजाम देकर उनके वीडियो भेजे और क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे प्राप्त किए। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ समेत कई शहरों में निगरानी की थी। एडीजी ने उम्मीद जताई कि 5 दिन की रिमांड के दौरान ATS को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे।UTTAR PRADESH
