WAR NEWS: ईरान और अमेरिका के युद्ध ने अब एक विकराल रुप ले लिया है। जहां एक तरफ तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं वहीं दूसरी तरफ ईरान तेल बेचकर खुब पैसे कमा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने परमाणु हथियार नहीं छोड़े तो उसका अस्तित्व खत्म हो सकता है।
साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे चल रही है और जल्द कोई समझौता हो सकता है। इसी बीच बगदाद में अमेरिकी बेस पर हमले और लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह टकराव ने हालात और बिगाड़ दिए हैं, जहां लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, वहीं अब तक सैकड़ों लोगों की मौत भी हो चुकी है।WAR NEWS
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तेल संकट भी लगातार बढ़ता जा रहा है, वही होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर के पार पहुंच गया है। कई देश अब रूस से तेल खरीदने को मजबूर हैं, जबकि कुछ देशों में फ्यूल की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को आम लोगों को राहत देने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट मुफ्त करना पड़ा है, वहीं कुवैत में पावर प्लांट पर हमले और ड्रोन-मिसाइल घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में भी डर का माहौल बना दिया है।
इसी बीच ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफकारी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी धमकी दी है और कहा है कि अगर अमेरिका ने फारस की खाड़ी में किसी द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सैनिक ‘शार्क का खाना’ बन जाएंगे। उन्होंने ट्रंप पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया और कहा कि दोनों मिलकर भी ईरान का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे।WAR NEWS
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राष्ट्रपति वेल्दिमीर जेलेंस्की के बयान से अब और भी तनाव बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस ने ईरान की मदद की है ताकि वो अमेरिका के खिलाफ लंबे समय तक लड़ सके। उनके मुताबिक रूसी जासूसी सैटेलाइट्स ने डिएगो गार्सिया में अमेरिका और ब्रिटेन के सैन्य अड्डे की तस्वीरें लीं और यह जानकारी ईरान को दे दी जिससे ईरान पहले से हमला करने के लिए तैयार हो गया।
जेलेंस्की ने कहा कि 24 और 25 मार्च को ली गई इन तस्वीरों के बाद ईरान ने वहां मिसाइल हमला करने की कोशिश की, हालांकि दोनों मिसाइलें निशाने से चूक गई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है और इसमें सीधे तौर पर रुस भी शामिल हो सकता है।WAR NEWS
