अजब-गजब: 38 हफ्ते की प्रेग्नेंसी, डिलीवरी के दौरान पेट में नहीं मिला बच्‍चा… परिवार को लगा शॉक

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अजब-गजब सा ये मामला कराची के नाज़िमाबाद स्थित निजी अस्पताल का है, जहां परिवार ने 38 हफ्ते की प्रेग्नेंसी और बच्चे के गायब होने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच में गर्भावस्था का मेडिकल सबूत नहीं मिला।

न्‍यूज डेस्‍क, दिल्‍ली : पाकिस्तान के कराची में एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के लिए पहुंची महिला का मामला चर्चा में है। महिला की पहचान ज़ुबिया के तौर पर हुई है। परिवार का दावा था कि वह करीब 38 हफ्ते की गर्भवती थी और उसके पास अल्ट्रासाउंड समेत गर्भावस्था से जुड़े रिकॉर्ड थे। 27 अगस्त 2026 को उसे नाज़िमाबाद नंबर-3 स्थित अस्पताल लाया गया। परिवार के मुताबिक महिला का डिलीवरी के लिए ऑपरेशन किया गया, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ। इसके बाद परिवार ने अस्पताल में हंगामा किया और बच्चे के गायब होने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।अजब-गजब

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जांच आगे बढ़ने पर तस्वीर बदल गई। कराची पुलिस के मुताबिक महिला के मेडिकल परीक्षण और मेडिको-लीगल रिपोर्ट में गर्भावस्था का कोई प्रमाण नहीं मिला। पुलिस ने दावा किया कि महिला ने परिवार और समाज के दबाव से बचने के लिए खुद को गर्भवती बताया था। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में दाखिले के समय जरूरी जांच किए बिना महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। पुलिस के अनुसार उसके पास मौजूद अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट संदिग्ध थी और उसके रिकॉर्ड में कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर व अस्पताल की मुहर का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अस्पताल की प्रक्रिया और ऑपरेशन को लेकर भी सवाल उठे हैं।अजब-गजब

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मामले में अब सिर्फ बच्चे के गायब होने का सवाल नहीं, बल्कि अस्पताल की चिकित्सा प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है। पुलिस ने उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत जुटाए हैं। पुलिस की जांच पूरी

होने के बाद मामला सिंध हेल्थकेयर कमीशन को भेजा गया है। SHCC के सीईओ ने कहा है कि आयोग रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा करेगा और विशेषज्ञों की टीम बनाई जाएगी। विशेषज्ञ अस्पताल और परिवार, दोनों का पक्ष सुनेंगे। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि महिला ने निश्चित तौर पर 38 हफ्ते की वास्तविक गर्भावस्था के बाद बच्चे को जन्म दिया था और बच्चा गायब हुआ। उपलब्ध जांच के मुताबिक गर्भावस्था की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि अस्पताल की भूमिका की जांच अभी जारी है।कहा ये भी जा रहा है कि महिला ने समाज के डर से अपनी प्रेग्‍नेंसी का नाटक किया और झूठी रिपोर्ट बनवाई थी।अजब-गजब

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