अयोध्या में राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य, जिसमें ‘परिक्रमा पथ’ भी शामिल है, वो पूरा हो चुका है, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर काम अभी भी जारी है। 13 अप्रैल से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर की बाहरी सीमा में स्थित मंदिरों में भी दर्शन करने और प्रार्थना करने की इजाजत दी जाएगी।
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श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर की मूल योजना सरल थी, लेकिन अंतिम रूप से ये बेहद भव्य और दिव्य बन गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर की यात्रा एक लंबी ऐतिहासिक और कानूनी प्रक्रिया को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में परिसर के एक हॉल में लगभग 500 सालों तक फैले विवाद के लंबे कानूनी इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि दूसरे हॉल में पुरातात्विक खुदाई के दौरान मिली कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थल की प्राचीनता को समझने में मदद मिलेगी।”

