ईरान से युद्ध के बीच राष्ट्र के नाम संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि, “हमारे दुश्मन हार रहे हैं, मेरे नेतृत्व में अमेरिका पहले से कहीं अधिक बड़ी जीत हासिल कर रहा है। ईरान में हमने अपना मिशन पूरा कर लिया है, उसे गलत काम की सजा मिली।” इसके साथ ही ट्रंप ने आज लॉन्च हुए नासा के ‘आर्टेमिस-2’ मून मिशन के लिए भी बधाई दी।
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आपको बता दें, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सुबह व्हाइट हाउस के क्रॉस हॉल से राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की कि ईरान में अमेरिका के “मुख्य रणनीतिक लक्ष्य” पूरे होने के करीब हैं। लगभग 20 मिनट के इस संक्षिप्त और कड़े संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सेना ने ईरानी शासन की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को “मिटा” दिया है और अब यह अभियान अपने अंतिम चरण में है।
ट्रंप ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का जिक्र किया, जिसे उन्होंने अमेरिकी ताकत का निर्णायक प्रदर्शन बताया। उन्होंने आगे कहा कि, “ईरान में हमने अपना मिशन लगभग पूरा कर लिया है। उन्हें उनके गलत कामों की सजा मिली है। आज हमारी सेना ने ईरान की मिसाइल शक्ति और उसकी नौसेना, वायुसेना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। ईरान ने बात नहीं मानी तो हम उन्हें ‘पाषाण युग’ में वापस धकेल देंगे।”
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राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि अगले दो से तीन हफ्तों में अमेरिका ईरान से अपना सैन्य अभियान समेट सकता है। ट्रंप ने आगे कहा, “चाहे कोई औपचारिक शांति समझौता हो या न हो, हम अपना काम पूरा करके ही निकलेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं मानेगा तो अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे पर और भी “भयंकर हमले” जारी रखेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खुलने पर ही सीजफायर की संभावना है।
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सशस्त्र बलों के साहस की प्रशंसा की और कहा कि इस मिशन के बाद अमेरिका पहले से कहीं अधिक “सुरक्षित और शक्तिशाली” बनकर उभरा है।
