खेल मंत्रालय ने भारतीय जूडो महासंघ (जेएफआई) के अंतरिम निकाय को सशर्त मान्यता दे दी है, जिसका चुनाव दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पिछले महीने हुआ था। मंत्रालय ने इसके साथ ही चेतावनी दी कि अगर वह अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करेगा तो उसे निलंबित कर दिया जाएगा। जेएफआई का संचालन 2022 से अदालत से नियुक्त प्रशासक कर रहे थे।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस साल फरवरी में अपने फैसले में निकाय को वार्षिक आम बैठक बुलाने और इस साल की शुरुआत में लागू किए गए राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने के लिए कहा था। इसके बाद महासंघ ने अंतरिम कार्यकारी समिति का चुनाव किया, जिसके अध्यक्ष मुकेश कुमार हैं जबकि बानी ब्राता दास महासचिव और शैलेश तिलक कोषाध्यक्ष हैं।
Read Also: प्रयागराज में मानसून के दौरान बढ़ रहा है नदियों का जलस्तर, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा, ‘‘ये फैसला किया गया है कि भारतीय जूडो महासंघ की कार्यकारी समिति (अंतरिम निकाय) को तत्काल प्रभाव से मान्यता दी जाए।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘ये मान्यता दिल्ली उच्च न्यायालय और अन्य माननीय उच्च न्यायालयों में लंबित जेएफआई की कार्यकारी समिति के चुनावों से संबंधित चल रहे मामलों के परिणाम पर निर्भर करेगी।’’
मंत्रालय ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं कर पाने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी। अधिसूचना के अनुसार, ‘‘अंतरिम निकाय की ओर से किसी भी चूक और किसी भी तरह की गंभीर अनियमितता की स्थिति में मान्यता को रद्द किया जा सकता है।’’
मंत्रालय ने अदालत के निर्देशानुसार जेएफआई को कार्यकारी समिति के अंतिम चुनाव कराने के लिए कहा है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘जेएफआई के अंतरिम निकाय को दिल्ली उच्च न्यायालय के 12 फरवरी के आदेश के अनुसार निर्धारित समय सीमा के अंदर राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 और उसके नियमों के अनुरूप अपना संविधान संशोधित करना होगा।’’
मंत्रालय ने जेएफआई से उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किए जाने की मौजूदा स्थिति पर मासिक रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है। जेएफआई ने जून में हुए चुनावों में शीर्ष तीन अधिकारियों के अलावा चार उपाध्यक्ष और चार संयुक्त सचिव भी चुने। इनमें से एक पदाधिकारी पूर्व टेनिस खिलाड़ी मनीषा मल्होत्रा हैं, जो खेल प्रबंधन में भी सक्रिय रूप से शामिल रही हैं।
