Black Hole: क्या ब्लैक होल की भी उम्र होती है, कैसे होता है इसका अंत ?

Black Hole

Black Hole: वैज्ञानिक अनंत काल से ही अंतरिक्ष की गुत्थियों को सुलझाने में लगे हुए हैं। ब्रह्मांड को लेकर हर बार नए रहस्य सामने आ जाते हैं। ना जाने कितनी ऐसी अनसुलझी गुत्थी हैं जिसे लेकर हमारे वैज्ञानिकों के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि कैसे उसका जन्म हुआ होगा और कैसे इसका अंत होगा। इनमें से एक रहस्य ब्लैक होल (Black Hole) से भी जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर वैज्ञानिक अभी तक असमंजस की स्थिति में हैं। ब्लैक होल को लेकर कई सवाल उठते हैं, उसमें से एक ये भी है कि क्या ये पूरी दुनिया को खत्म कर सकता है और इसका अंत कैसे होगा ?

Read Also: Assam में ट्यूशन से लौट रही नाबालिग से हैवानियत ,सोशल मीडिया में फूटा लोगों का गुस्सा

क्या है ब्लैक होल ?

ब्लैक होल को कृष्ण विवर के नाम से भी जाना जाता है। यह अंतरिक्ष में एक ऐसी जगह है, जहां पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव बहुत अधिक होता है। ब्लैक होल (Black Hole) प्रकाश को भी अपने अंदर खींच लेता है। इसलिए इसे देखना आसान नहीं है, इसे खास वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा ही देखा जा सकता है।

बता दें, अंतरिक्ष में 100 मिलियन से ज्यादा आकाशगंगाएं मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्लैक होल में समय हमारे हिसाब से नहीं चलता। अगर एक बार कोई वस्तु ब्लैक होल के अंदर चली जाए तो वहां से लौटकर नहीं आ सकती।

कितने प्रकार के होते हैं ब्लैक होल ?

कहा जाता है कि अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल (Black Hole) का साइज एक जैसा नहीं होता।सबसे छोटे ब्लैक होल- ये ब्रह्मांड के उदय के साथ ही उत्पन्न हुए थे। जिनका साइज एक परमाणु जितना छोटा हो सकता है, लेकिन इनका द्रव्यमान एक पहाड़ जितना हो सकता है।  खगोलशास्त्रियोें ने ब्लैक होल्स के मुख्य रूप से तीन प्रकार बताएं हैं।

तारकीय- ये वो ब्लैक होल होते हैं, जिनका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से सैंकड़ों गुना तक अधिक होता है और पृथ्वी की आकाशगंगा मिल्की वे में तारकीय द्रव्यमान वाले ब्लैक होल अधिक हो सकते हैं। तारकीय ब्लैक होल का निर्माण तब होता है, जब सुपरनोवा विस्फोट होता है। तारे का द्रव्यमान जब सूर्य से 20 गुना अधिक होता है तब वह ब्लैक होल में ढह जाता है।

सुपरमैसिव- सबसे बड़े ब्लैक होल को सुपरमैसिव कहा जाता है, जिनका द्रव्यमान 1 मिलियन सूर्यों से भी ज्यादा होता है। वैज्ञानिकों को मिले सबूत के अनुसार, हर बड़ी आकाशगंगा में एक सुपरमैसिव ब्लैक होल मौजूद होता है। पृथ्वी की आकाशगंगा मिल्की वे में मौजूद सबसे बड़े ब्लैक होल को सैजिटेरियस ए कहा जाता है।

मध्यवर्ती- ये वह ब्लैक होल होते हैं जो सुपरमैसिव और तारकीय के बीच के होते हैं। जिनका आकार ना तो ज्यादा बड़ा होता है ना छोटा ।

Read Also: यूपी के गोरखपुर से नेपाल जा रही बस नदी में गिरी,14 लोगों की दर्दनाक हादसा

ब्लैक होल की उम्र कितनी होती है?

अगर आपके भी मन में यह सवाल आता है कि क्या ब्लैक होल मर सकते हैं ? तो इसका जवाब है- हां, ब्लैक होल भी मर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने ऐसा बताया है कि ब्लैक होल (Black Hole) की भी एक उम्र होती है। ऐसा कहा जाता है कि तारकीय ब्लैक होल को समाप्त होने में 10^64 साल लग सकते हैं और ब्रह्मांड का पूरा समय 10^10 बताया जाता है।

अगर सामान्य भाषा में समझा जाए तो ये कहा जा सकता है कि ब्रह्मांड के अंत के बाद भी तारकीय ब्लैक होल जिंदा रहेंगें। सुपरमैसिव ब्लैक होल का अंत में होने में इससे ज्यादा समय लगेगा। क्योंकि ब्लैक होल का अंत कभी भी एक दम से नहीं होता, ऐसा होने में काफी समय लगता है। अब सवाल ये उठता है कि ब्लैकहोल का अंत होता कैसे है?

ऐसे होता है ब्लैक होल का अंत-

जैसा कि हमने उपर भी जाना कि ब्लैक होल (Black Hole) का अंत होने में काफी सारा समय लगता है, क्योंकि इसकी पूरी प्रक्रिया काफी धीमी गति से होती है। ब्लैक होल से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा धीरे-धीरे उसके द्रव्यमान और ऊर्जा को कम करती है। जो ब्लैक होल (Black Hole) अंतरिक्ष में फैली नई ऊर्जा को नहीं सोखते वह समय के साथ सिकुड़ना शुरू कर देते हैं। फिर एक समय के बाद गायब ही हो जाते हैं। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में काफी अधिक समय लगता है।

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *