J&K Polls : जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में सुचेतगढ़ विधानसभा सीट पर भी वोट डाले जाएंगे। वोटिंग से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बसे इस इलाके में रहने वाले लोगों ने उन मुद्दों को उठाया जिनका ताल्लुक उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से है।इलाके के लोगों ने वो दौर भी देखा है जब उन्हें हर वक्त सीमा पार से होने वाली गोलीबारी का डर सताता रहता था। इसका असर उनके रोज के कामकाज पर भी पड़ता था।
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फायरिंग से गांव में दहशत का माहौल- लोग याद करते हैं कि लगातार होने वाली फायरिंग ने उनका जीना कैसे मुश्किल कर दिया था।सुचेतगढ़ के वोटरों के लिए इस बार के विधानसभा चुनाव में अहम मुद्दा सुरक्षा नहीं बल्कि वे मुद्दे हैं जिनसे उन्हें रोजाना जूझना पड़ता है।कुछ गांव वाले फसल के नुकसान के लिए सही मुआवजा न मिलने से निराश है।कुछ गांव वालों का कहना है कि सरकार ने इलाके में सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के नाम पर उनकी जो जमीन ली थी, उसके एवज में उन्हें अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
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पानी ,बिजली की कमी से जूझ रहे ग्राामीण- कई गांव वालों का कहना है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में खेत के लिए पानी की सप्लाई और बिजली की कमी जैसे मुद्दे उनके लिए सबसे पहले हैं।खेती से जुड़ी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी की बेहतर सप्लाई के साथ-साथ कई गांव वाले इलाके में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने और बेरोजगारी दूर करने की आस नई सरकार से लगाए हैं।
सुचेतगढ़ उन 40 सीटों में से एक है, जिन पर एक अक्टूबर को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के तीसरे और आखिरी चरण में वोट डाले जाने है।90 सदस्यों वाली जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों का ऐलान आठ अक्टूबर को होगा।
