कांग्रेस ने रोजगार की तलाश में विदेश गए भारतीय युवाओं को जबरन रूस द्वारा युद्ध में भेजे …

Congress News: कांग्रेस ने रोजगार की तलाश में विदेश गए भारतीय युवाओं को रूस द्वारा जबरन युद्ध में भेजे जाने और उनके लापता होने का मुद्दा उठाते हुए मोदी सरकार से उन्हें सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रूस से लापता हुए पंजाब निवासी मंदीप और उत्तर प्रदेश निवासी योगेंद्र यादव के परिजनों के साथ पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि मोदी सरकार इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदे हुए है। उन्होंने बताया कि रूस में लापता हुए 14 भारतीय नागरिकों में से नौ उत्तर प्रदेश, तीन पंजाब, और एक-एक महाराष्ट्र व जम्मू-कश्मीर से हैं।

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अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि दिसंबर 2023 में करीब 126 भारतीय युवा एजेंटों के माध्यम से काम की तलाश में विदेश गए थे। वे सिंगापुर, मलेशिया या इटली जाना चाहते थे, लेकिन धोखे से उन्हें रूस के मॉस्को ले जाया गया। वहां रूस की सरकार ने उन्हें सेना में भर्ती कर लिया। इन युवाओं को सिर्फ 15 दिन की ट्रेनिंग के बाद मशीन गन पकड़ा दी गई। उन्होंने बताया कि पैर में दिक्कत होने के बावजूद मंदीप कुमार को भी जबरदस्ती सेना में भर्ती किया गया। युद्ध में घायल होकर रूस से लौटे लोगों ने बताया कि मंदीप को स्नाइपर की भूमिका सौंपी गई थी और ठीक से ट्रेनिंग न कर पाने पर उसे मारा जाता था।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार रूस से यह पूछेगी कि बिना अनुमति के भारतीय युवाओं को वहां की सेना में भर्ती क्यों किया गया? क्या सरकार ने अब तक इन युवाओं को वापस लाने का कोई प्रयास किया है? क्या सरकार ने उन एजेंटों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है, जो युवाओं को धोखे से रूस भेज रहे हैं?राजा वडिंग ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। अगर उन्होंने अपना वादा निभाया होता तो युवाओं को रोजगार की तलाश में विदेश नहीं जाना पड़ता। उन्होंने मोदी सरकार से मांग की कि विदेश मंत्रालय रूस सरकार से बात कर इन 14 लापता भारतीयों के बारे में जानकारी दे या उन्हें सुरक्षित वापस लाए।
वहीं मंदीप के भाई जगदीप ने भावुक होकर बताया कि पिछले डेढ़ साल से वे अपने भाई को ढूंढने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने रूस की यात्रा भी की, लेकिन भारतीय दूतावास से कोई मदद नहीं मिली। विदेश मंत्रालय से उन्हें केवल आश्वासन मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मोदी सरकार रूस से जेट और हथियार खरीद सकती है, तो क्या वह वहां फंसे अपने नागरिकों के बारे में जानकारी प्राप्त नहीं कर सकती?योगेंद्र यादव की बहन खुशबू ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके माता-पिता और भाभी बेहद परेशान हैं। उन्हें यह तक नहीं पता कि उनका भाई जीवित भी है या नहीं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह उनके भाई सहित रूस में लापता सभी भारतीयों की तलाश में पूरी मदद करे।

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