Kishtwar: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से प्रभावित चशोती गांव में राहत और बचाव कार्यों में मदद करने के लिए शुक्रवार को वहां पहुंचा।अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई है और 167 लोगों को बचा लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बचाए गए लोगों में से 38 की हालत गंभीर है। मृतक संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है।Kishtwar
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किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने ‘पीटीआई-वीडियो से कहा, ‘‘एनडीआरएफ का दल गांव में जारी अभियान में शामिल हो रहा है। वे देर रात गुलाबगढ़ पहुंच गया।’’अभियान की निगरानी कर रहे शर्मा ने बताया कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नहीं भेजे जा सके इसलिए टीम उधमपुर से सड़क मार्ग से आई।अधिकारियों ने बताया कि दो और टीम रास्ते में हैं तथा वे अभियान में शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि सेना ने भी खोज और बचाव अभियान को तेज करने के लिए एक और टुकड़ी को शामिल किया है।राष्ट्रीय राइफल्स के जवान भी अभियान में शामिल हो गए हैं।Kishtwar
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उन्होंने बताया कि 60-60 जवानों वाली पांच टुकड़ियां यानी कुल 300 सैनिक ‘व्हाइट नाइट कोर’ की चिकित्सा टुकड़ियों के साथ जमीन पर मौजूद हैं और वे पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अन्य नागरिक एजेंसी के साथ मिलकर लोगों की जान बचाने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।Kishtwar
आदिल नाम के एक स्वयंसेवक ने बताया कि अबाबील की स्वयंसेवी टीम नौ एंबुलेंस के साथ गुरुवार को गांव पहुंची और अभियान में शामिल हुई।उन्होंने कहा, ‘‘हम शवों को निकालने और घायलों को अथोली और किश्तवाड़ के अस्पतालों में पहुंचाने में मदद करते हैं। ‘हिलाल वालंटियर्स’ नामक एक अन्य समूह भी बचाव अभियान में मदद कर रहा है।Kishtwar
