गणतंत्र दिवस परेड में इस साल मनाया जाएगा ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का जश्न

देश की राजधानी दिल्ली में इस साल गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को ये जानकारी दी है।

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अधिकारियों ने बताया कि परेड के लिए कर्तव्य पथ पर बनाई गई दीर्घाओं का नाम नदियों के नाम पर रखा जाएगा और इनमें पुराने चित्र लगाए जाएंगे, जिन पर राष्ट्रीय गीत की शुरुआती पंक्तियां अंकित होंगी। उन्होंने बताया कि मुख्य मंच पर फूलों से बनाई गई कलाकृतियों के जरिये ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, परेड स्थल पर बनाई गई दीर्घाओं को इंगित करने के लिए इस बार पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले ‘वीवीआईपी’ सहित अन्य शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि इनका नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा जाएगा।

रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने ‘साउथ ब्लॉक’ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के जश्न की व्यापक रूपरेखा साझा की, जिसमें इस बार कई चीजें पहली बार देखने को मिलेंगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस बार गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम के 150 साल’ रखी गई है और परेड में इसका जश्न मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि निमंत्रण कार्ड पर राष्ट्र गीत की 150वीं वर्षगांठ का लोगो होगा और परेड के अंत में ‘वंदे मातरम’ की थीम वाले बैनर के साथ गुब्बारे हवा में छोड़े जाएंगे।

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अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, 19 से 26 जनवरी तक 120 से अधिक शहरों में लगभग 235 जगहों पर सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की ओर से ‘वंदे मातरम’ की थीम पर आधारित बैंड प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि दिल्ली में कर्तव्य पथ पर बनाई गई दीर्घाओं में तेजेंद्र कुमार मित्रा के बनाए चित्र लगाए जाएंगे, जिन पर ‘वंदे मातरम’ की शुरुआती पंक्तियां लिखी होंगीं। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, ये चित्र 1923 में प्रकाशित किए गए थे।

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