प्रयागराज में आज मौनी अमावस्या पर माघ मेले का सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। माघ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान दिया गया है। लगातार लाखों श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी है।
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मौनी अमावस्या के मद्देनजर आज लोगों का अनुमान है कि संगम में लगभग 2 से 3 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा सकते हैं। स्नान के लिए श्रद्धालु शनिवार आधी रात से ही घाटों पर भारी संख्या में नजर आए। माघ मेले में कड़ाके की ठंड में रविवार सुबह से ही संगम पर श्रद्धालु पावन स्नान कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार और मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। ठंड से बचाव के लिए जर्मन हैंगर टेंटों में 250 बेड, रजाई और कंबल की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए एनआईए (NIA), एटीएस (ATS) और एसटीएफ (STF) के साथ भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मेले के मैदान में 20 बिस्तरों वाले अस्पताल और कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए चौबीसों घंटे चिकित्सक तैनात रहते हैं। श्रद्धालु बताते हैं कि संगम घाट के पास आसान और तेज स्वास्थ्य सेवाओं से उन्हें काफी फायदा पहुंचा है।
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आज के दिन मकर राशि में सूर्य और चंद्रमा के मिलन से पंचग्रहीय योग बन रहा है, जिसे आध्यात्मिक उन्नति और पितरों की शांति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। संगम के साथ-साथ हरिद्वार, वाराणसी, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित त्रिवेणी धाम और अन्य पावन नदियों के घाटों पर भी मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।
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