Parliament: बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के हवाले से चीन और डोकलाम मुद्दे पर सवाल उठाने की कोशिश के दौरान सदन में भारी उलझन पैदा हो गई। स्पीकर चेयर पर मौजूद सभापति ने राहुल गांधी को बोलने से रोका, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज के टुकड़े उछाले, जिसे सदन की मर्यादा का उल्लंघन बताया गया। Parliament:
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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव पेश किया, जिसके बाद लोकसभा ने वॉइस वोट से आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
बाइट-दिलीप सैकिया,पीठासीन स्पीकर
इनमें अधिकांश कांग्रेस के सांसद हैं-
इनमें मणिकम टैगोर
गुरजीत सिंह औजला
अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग
हिबी ईडन
किरण कुमार रेड्डी
प्रशांत पडोले
डीन कुरियाकोस
एस. वेंकटेशन शामिल है।
निलंबन के फैसले के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस कार्रवाई के विरोध में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। वे निलंबित सांसदों के समर्थन में नारे लगा रहे थे और सरकार पर लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगा रहे थे।Parliament:
प्रियंका गांधी ने इसे “बेतुका” फैसला बताया, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि यह राहुल के समर्थन में आवाज उठाने की सजा है।सत्ता पक्ष ने विपक्ष के व्यवहार को “अनुशासनहीन” बताते हुए कार्रवाई का बचाव किया है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार राहुल गांधी को बोलने से डर रही है और चीन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती।बहरहाल यह घटना सत्ता और विपक्ष के बीच जारी घमासान को और तेज कर रही है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। Parliament:
