IDFC फर्स्ट बैंक की ओर से हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। वहीं इस मामले में IDFC फर्स्ट बैंक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया है। इस मामले पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने सरकार पर सियासी हमला बोलते हुए कहा है कि, “ये फ्रॉड जनता के विश्वास पर सीधा आघात है।”
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आपको बता दें, हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक के खिलाफ 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोप में हरियाणा सरकार के स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो ने मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला बैंक की चंडीगढ़ (सेक्टर-32) शाखा में हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों में हुई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। यह मामला तब सामने आया जब एक सरकारी विभाग ने अपना खाता बंद करने और फंड ट्रांसफर करने का आवेदन किया, लेकिन बैंक के पास मौजूद राशि और सरकारी रिकॉर्ड का मिलान नहीं हुआ। विपक्ष ने बीते दिन सरकार को निशाने पर लेकर हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में भी इस मामले को जोरदार तरीके उठाया था, वहीं इस पर जवाब देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने IDFC फर्स्ट बैंक के इस कथित फ्रॉड मामले में सख्त एक्शन लेने का वादा किया है। IDFC
हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अपने ‘X’ अकाउंट पर पोस्ट कर कहा है कि,”IDFC FIRST Bank द्वारा हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये की कथित फ्रॉड का खुलासा अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास पर सीधा आघात है। यदि मामला चंडीगढ़ शाखा तक सीमित भी बताया जा रहा है, तब भी प्रश्न उठता है कि इतनी बड़ी राशि की गड़बड़ी बिना उच्च स्तर की लापरवाही या मिलीभगत के कैसे संभव हुई? क्या आंतरिक ऑडिट, निगरानी तंत्र और सरकारी वित्तीय नियंत्रण केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं?
चार अधिकारियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो, जिम्मेदार लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई हो। जनता का पैसा है, कोई निजी खजाना नहीं। जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।” IDFC
