West Asia Tension: अमेरिका- इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध जारी है।युद्ध के सातवें दिन आज जहां अमेरिका इज़रायल की ओर से नए हमले किए गए हैं वहीं ईरान ने भी अपना जवाबी हमला जारी रखा है।इज़राइल ने तेहरान और बेरूत पर भारी बमबारी की नई लहर शुरू की है। तेहरान में कई इलाकों से धुएँ के गुबार उठते देखे गए, जिसमें रेजिमेंटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।वही अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के गहरे भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स पर दर्जनों 2,000 पाउंड के पेनेट्रेटर बम गिराए। US सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि ईरान के मिसाइल अटैक में 90% की कमी आई है।
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वही ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई जारी है। IRGC ने तेल अवीव के केंद्र की ओर खैबर मिसाइलों और ड्रोन्स की नई लहर लॉन्च की है।
मिडिल ईस्ट में कई उस ठिकानो पर ईरान ने ड्रोन हमले किए हैं।गल्फ देशों में ईरानी ड्रोन और मिसाइल अटैक हुए है।वही सऊदी अरब ने रियाद के पास कई ड्रोन्स इंटरसेप्ट किए है।ईरान के जवाबी हमले में UAE, कतर, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी बेस प्रभावित हुए है. वही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हथियार डालने की धमकी दी है
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US के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान के आसमान पर “पूर्ण प्रभुत्व” स्थापित कर रहा है, और हमले “ड्रामेटिकली बढ़ेंगे”।वही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि “हम अमेरिकी ग्राउंड इनवेजन का इंतजार कर रहे हैं। हम तैयार हैं, और यह उनके लिए बड़ा आपदा होगा।”कोई सीजफायर या बातचीत की गुहार नहीं है।फिलहाल अमेरिका इजरायल ईरान जंग के चलते रीजनल प्रभाव बना हुआ है।होर्मुज स्ट्रेट में तनाव है, ऑयल प्राइस में उछाल है और ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट है।भारत सहित कई देशों का अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट से निकालना जारी है।बहरहाल यह युद्ध अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुका है, जिसमें लेबनान, गल्फ देश और अमेरिकी बेस शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है, लेकिन फिलहाल कोई डी-एस्केलेशन नजर नहीं आ रहा।
