Delhi: भारतीय रेलवे अब केवल पटरी पर दौड़ने वाली गाड़ी नहीं, बल्कि बदलाव की एक ‘एक्सप्रेस’ बन चुकी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत पाँच बड़े और क्रांतिकारी सुधारों का ऐलान किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव में 52 हफ्ते 52 सुधार योजना के तहत आज 5 बड़े सुधारों का एलान किया है।इसमे कन्फर्म टिकट-रिफंड टिकट और नमक और गाड़ियाँ भेजने वाले कारोबारी के लिए बड़े बदलाव के एलान किये गए है।यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए—बोर्डिंग पॉइंट और रिफंड में बदलाव को मंजूरी दी गयी है। Delhi:
सबसे बड़ी राहत उन यात्रियों के लिए है जो आखिरी वक्त पर स्टेशन नहीं पहुँच पाते। अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन डिजिटल तरीके से बदल सकेंगे। यानी अगर आप पहले स्टेशन पर नहीं पहुँच पाए, तो अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की सुविधा मिलेगी और आपकी सीट किसी और को नहीं दी जाएगी। Delhi:
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इतना ही नहीं, अब ई-टिकट रद्द करने पर TDR भरने का झंझट खत्म हो गया है, रिफंड अपने आप आएगा। साथ ही, चार्ट बनने के बाद भी आप ट्रेन छूटने के आधे घंटे पहले तक अपनी क्लास अपग्रेड करा सकेंगे।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दलालों पर वार करते हुए और चार्टिंग के नये नियम का भी एलान किया है।रेल मंत्री ने साफ किया कि अब ‘वेटिंग लिस्ट’ वाले यात्रियों को पहले पता चल जाएगा कि उनकी सीट कन्फर्म होगी या नहीं। टिकट रिफंड की समय सीमा को अब 72, 24 और 8 घंटे के स्लॉट में बदल दिया गया है। इसका मकसद है आखिरी मिनट की सट्टेबाजी वाली बुकिंग को रोकना, ताकि असली यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके। रेल मंत्री ने जानकारी दी है कि रेलवे ने हाल ही में करीब 3 करोड़ फर्जी अकाउंट भी डिलीट किए हैं।D elhi:
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वही नमक और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए ‘स्पेशल’ इंतजाम का भी एलान किया गया है।व्यापार के मोर्चे पर रेलवे अब ‘सॉल्ट’ और ‘ऑटोमोबाइल’ पर फोकस कर रही है।नमक के लिए अब जंग-रोधी कंटेनर तैयार किए गए हैं। ये ऊपर से लोड होंगे और साइड से हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए खाली होंगे। इससे नमक की बर्बादी रुकेगी।वही अब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री खुद अपने हिसाब से स्पेशल वैगन डिजाइन कर सकेगी। इससे सड़कों पर चलने वाले बड़े ट्रकों का बोझ कम होगा और रेलवे के जरिए कारों की डिलीवरी सस्ती और तेज होगी।Delhi:
कंस्ट्रक्शन में क्वालिटी के तहत—ठेकेदारों पर नकेल करते हुए एक और बड़ा निर्णय किया गया है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे के प्रोजेक्ट्स अब समय पर पूरे होंगे और उनकी क्वालिटी भी बेहतर होगी। निर्माण नियमों में 7 बड़े बदलाव किए गए हैं:अब केवल वही कंपनियां बड़े टेंडर ले पाएंगी जिनके पास 50% प्रोजेक्ट वैल्यू का अनुभव हो।सब-कॉन्ट्रैक्टिंग की सीमा 70% से घटाकर 40% कर दी गई है, ताकि मुख्य ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी से भाग न सके।Delhi:
अगर कोई कंपनी लागत से 5% से ज्यादा कम की बोली (Predatory Bidding) लगाएगी, तो उसे अतिरिक्त गारंटी देनी होगी।बहरहाल साल 2026 के लिए अब तक कुल 9 सुधारों को मंजूरी मिल चुकी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का ये ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ मॉडल बताता है कि भारतीय रेलवे अब तकनीक और पारदर्शिता के साथ भविष्य की ओर बढ़ रही है।
