WAR: ईरान की अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी जंग रुकवाने की कोशिशों के बीच पाकिस्तान को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। ईरान ने पाकिस्तान के 20 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि इस व्यवस्था के तहत हर दिन दो जहाजों को गुजरने की इजाजत मिलेगी। इस फैसले को पाकिस्तान ने ऊर्जा संकट के बीच राहत भरा कदम बताया है।
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मौजूदा हालात में ईरान की इस्लामिक रिव्योलूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज को एक तरह के ‘चेकपॉइंट’ में बदल दिया है। अब जहाजों को गुजरने से पहले अपने कार्गो, क्रू और गंतव्य की पूरी जानकारी देनी पड़ती है, फिर क्लीयरेंस कोड मिलने के बाद ही उन्हें ईरानी निगरानी में रास्ता दिया जाता है। कुछ जहाजों से इस सुविधा के बदले करीब 20 लाख डॉलर तक वसूले जाने की भी खबर है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सिर्फ करीब 150 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम है। कुल समुद्री यातायात में करीब 90% की गिरावट आई है, जिससे वैश्विक बाजारों में हलचल मची हुई है।WAR
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इसी बीच पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति ने उसे इस संकट से बाहर निकालने में अहम भूमिका दिलाई है । सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की, जबकि इसहाक डार ने ईरान और तुर्किये के नेताओं से संपर्क साधा है। पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है और इस पूरे घटनाक्रम में इस्लामाबाद खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भी कहा है कि अगर दोनों पक्ष चाहें, तो पाकिस्तान बातचीत की मेजबानी के लिए तैयार है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति बहाल करने का प्रयास नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत भी है।WAR
