Delhi: देश के मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और अवसंरचना विकास को नई गति देने वाला एक बड़ा कदम उठाया गया है। गतिशक्ति विश्वविद्यालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इस मौके पर रेलभवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू मौजूद रहे है।
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यह समझौता ज्ञापन भारत के परिवहन क्षेत्र में कौशल विकास, अनुसंधान और प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गतिशक्ति विश्वविद्यालय, जो रेल मंत्रालय के अधीन कार्यरत है और विशेष रूप से परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर फोकस करता है, DGCA के साथ मिलकर नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मानकीकृत प्रशिक्षण, रेगुलेटरी अनुपालन और तकनीकी क्षमता निर्माण पर काम करेगा।
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समारोह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सहयोग को राष्ट्रीय विकास योजनाओं के अनुरूप बताया और कहा कि गतिशक्ति विश्वविद्यालय के माध्यम से रेल, सड़क, जलमार्ग और हवाई परिवहन को एकीकृत रूप से मजबूत किया जा रहा है। वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने इस MoU को भारतीय एविएशन सेक्टर की तेज बढ़ती जरूरतों को पूरा करने वाला बताया।
यह समझौता छात्रों, फैकल्टी और उद्योग के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा तथा DGCA के मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा। इससे एविएशन सेक्टर में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।बहरहाल यह समझौता ज्ञापन सहयोग देश को विश्व स्तर का एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
