Haryana: पंचकूला नगर निगम चुनाव का सियासी पारा चरम पर है। शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सोमवार यानी आज 13 अप्रैल को चुनाव की तारीखों का ऐलान होने वाला है… उम्मीद है कि तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर जाएंगे।
बता दें, इस बार मुकाबला सीधा और बेहद दिलचस्प रहने वाला है। वार्डबंदी पूरी होने के बाद पंचकूला की राजनीतिक पूरी तरह बदल चुकी है। कई दिग्गज पार्षदों के लिए अपने पुराने वार्ड से चुनाव लड़ना अब संभव नहीं रहा, जिससे अंदरखाने असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कई मौजूदा पार्षदों के वार्ड महिला या एससी/बीसी में आरक्षित हो गए हैं, जबकि कुछ वार्ड, जो पहले आरक्षित थे, अब जनरल कैटेगरी में आ गए हैं।मेयर पद पर भी जबरदस्त घमासान तय है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवारों के चयन में “सर्वे फार्मूला” अपना रही हैं, ताकि जीत की संभावना अधिकतम की जा सके।
Read Also: Political News: हंगरी में बदलाव! पीटर मैग्यार की जीत पर यूरोपीय नेताओं की बधाई
दरअसल, जमीनी स्तर पर जातीय, सामाजिक और स्थानीय मुद्दों के आधार पर समीकरण जोड़े जा रहे हैं। गांव और शहरी क्षेत्रों का मिश्रण कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सेक्टर बनाम कालोनी का समीकरण भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा। नए मतदाताओं को साधने के लिए प्रचार की रणनीति बदली जा रही है।पंचकूला के मतदाताओं की नजर अब चुनाव आयोग पर है, जो जल्द ही चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है। देखना होगा कि इस बार पंचकूला की जनता किसके हाथ में सत्ता की कमान सौंपती है।
