Delhi: संसद की विशेष बैठक की तैयारी के बीच देश में लोकसभा सीटों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया है। परिसीमन विधेयक के मसौदे को सांसदों के साथ साझा किया गया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार ने लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्तावित योजना के केंद्र में देश की बढ़ती जनसंख्या और प्रशासनिक सुगमता रहने वाली है। प्रस्ताव के मुताबिक, लोकसभा की कुल सीटों को वर्तमान 543 से बढ़ाकर 850 किया जा सकता है। सीटों का यह बँटवारा कुछ इस प्रकार होगा Delhi:
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राज्यों के लिए: लगभग 815 सीटें-केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए: लगभग 35 सीटें।इस परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) के मसौदे को सांसदों के साथ साझा कर दिया गया है। सरकार का तर्क है कि 1971 की जनगणना के आधार पर तय की गई सीटों की संख्या अब वर्तमान जनसंख्या के अनुपात में काफी कम है। नए संसद भवन के निर्माण के समय भी इस बात के संकेत दिए गए थे कि भविष्य में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।Delhi:
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी। हालांकि, दक्षिण भारतीय राज्यों की ओर से जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों के बावजूद सीटें घटने या उत्तर भारत के प्रभुत्व बढ़ने की चिंताओं पर भी बहस छिड़ सकती है।Delhi:
महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक को पारित करने के लिए सरकार की ओर से 16, 17, 18 अप्रैल को संसद सत्र की विशेष बैठक बुलाई गई है।संसद क्षेत्र की इस विशेष बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा होना अभी बाकी है अगर यह प्रस्ताव कानून की शक्ल लेता है, तो भारत की चुनावी राजनीति और संसद का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा। वही संसद सत्र की विशेष रणनीति पर चर्चा करने को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बड़ी बैठक भी कल बुलाई गई है।Delhi:
