Delhi: फ्रांस की सीनेट के फ़्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की

Delhi: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज फ्रांस को भारत के सबसे भरोसेमंद और सहयोगी मित्र देशों में से एक बताते हुए दोनों देशों के बीच गहरे और अटूट संबंधों पर जोर दिया।बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच सौहार्दपूर्ण व्यक्तिगत संबंध ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने और मजबूत करने हेतु ऊर्जा प्रदान की है।ओम बिरला ने आज संसद भवन में उनसे भेंट करने आए फ्रांस की सीनेट के फ्रांस-भारत अंत:संसदीय मैत्री समूह के साथ बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की ।फरवरी 2026 में राष्ट्रपति मैक्रों के भारत दौरे का स्मरण करते हुए बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि द्विपक्षीय संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” तक ले जाना दोनों देशों के बीच बढ़ते आपसी विश्वास और सहयोग को दर्शाता है।

फ्रांस की पार्लियामेंट में महिलाओं के 36 प्रतिशत से अधिक के सार्थक प्रतिनिधित्व की प्रशंसा करते हुए, बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत भी शासन में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार विधिक और संस्थागत प्रयास कर रहा है। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि ज़मीनी लेवल पर, खासकर पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत अच्छा रहा है।ओम बिरला ने शिष्टमंडल को आगे बताया कि नवनिर्मित संसद भवन में पारित हुआ पहला विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम था, जो निर्वाचित विधायी निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह ऐतिहासिक कानून महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और सबको साथ लेकर चलने वाले शासन के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पेरिस में 2025  में और नई दिल्ली में 2026  आयोजित एआई शिखर सम्मेलनों का उल्लेख करते  हुए बिरला ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों देश  संसद की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पहुंच बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  और उन्नत प्रौद्योगिकियों का बड़े पैमाने पर  उपयोग कर रहे हैं ।बिरला ने कहा कि एआई और डिजिटल उपकरणों के उपयोग के परिणामस्वरूप  नागरिकों और संसद के बीच की दूरी कम हुई है। बिरला ने दोनों देशों की विधायिकाओं के बीच अधिक सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का सुझाव दिया।ओम बिरला ने भारत और फ्रांस के बीच नियमित रूप से राजनयिक और संसदीय  स्तर पर होने वाले सार्थक संवाद पर प्रसन्नता  व्यक्त की।बिरला ने पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय संसदीय शिष्टमंडल के फ्रांस दौरे का स्मरण करते हुए उस अवसर पर  फ्रांस द्वारा आतंकवाद की स्पष्ट शब्दों में निंदा किए जाने की सराहना की।बिरला ने निरंतर समर्थन और सहयोग देने के लिए फ्रांसीसी शिष्टमंडल के सदस्यों  का भी आभार व्यक्त किया।भारत और फ्रांस के बीच संसदीय सहयोग को दोनों देशों के संबंधों का  महत्वपूर्ण आधार बताते हुए बिरला ने फरवरी 2024 में फ्रांस की सीनेट के चेयरमैन, जेरार्ड लार्चर की भारत यात्रा की मधुर स्मृतियों का उल्लेख किया।बिरला ने कहा की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच अंतर-संसदीय संबंध और मजबूत हुए हैं ।

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