West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट पर दिल्ली में आज एक महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी समूह की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें पशुपालन, पेट्रोलियम, शिपिंग और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने देश को आश्वस्त किया है कि संकट के बावजूद भारत की स्थिति पूरी तरह स्थिर है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अंतर मंत्रालय समूह की ओर से ताजा अपडेट जानकारी जारी की गई है।
इसमे डेयरी और खाद्य सुरक्षा पर पशुपालन मंत्रालय की अधिकारी पूजा रस्तौगी ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत में दूध की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है।डेयरी उत्पादों की कीमतों पर कोई दबाव नहीं है। दूध की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। वहीं ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने महत्वपूर्ण डेटा साझा किया। सरकार का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि घरेलू ईंधन की कमी न हो।
LPG अपडेट- घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य है। 93% डिलीवरी अब ‘डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) के जरिए हो रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
कमर्शियल और 5KG सिलेंडर- छोटे सिलेंडरों की बिक्री के लिए जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। मार्च से अब तक 19 लाख से अधिक सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है।
CNG/PNG- प्राकृतिक गैस की 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 5 लाख से अधिक नए PNG कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं।
Read Also: शपथ के बाद पहले दिल्ली दौरे पर बिहार के CM सम्राट चौधरी, PM मोदी से की मुलाकात
वहीं समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार पर संकट के बादल छंट रहे हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि बंदरगाहों पर जो कंटेनरों का जमाव Congestion था, उसे 97% तक कम कर दिया गया है। एक क्रूड ऑयल टैंकर होर्मुज को पार कर सुरक्षित भारत पहुंच चुका है।
वहीं जानकारी दी गयी है कि कैबिनेट ने ₹12,980 करोड़ के ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ को मंजूरी दी है। यह सॉवरेन गारंटी फंड समुद्री बीमा दरों को कम करेगा और युद्ध जैसी स्थिति में भारतीय जहाजों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। पश्चिम एशिया संकट के बीच कूटनीतिक प्रयासों को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘मिशन मोड’ में काम कर रहा है। भारत के NSA ने सऊदी अरब, विदेश मंत्री ने UAE और पेट्रोलियम मंत्री ने कतर का दौरा कर ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर चर्चा की है।
विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि खाड़ी देशों के साथ संवाद इतना मजबूत है कि सप्लाई चेन में कोई भी रुकावट आने पर तत्काल समाधान निकाला जा रहा है। सरकार की रणनीति साफ है कि—चाहे वो कूटनीति हो, बीमा सुरक्षा हो या घरेलू ऊर्जा वितरण ,पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार खड़ा है।
