आशीष पुर्ती की शानदार हैट्रिक की बदौलत भारत ने मेजबान जापान को 4-1 से हराकर शनिवार को पुरुष अंडर-18 एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। पुर्ती ने दूसरे, 28वें और 34वें मिनट में गोल दागकर हैट्रिक पूरी की। कप्तान केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में गोल कर भारत की बढ़त को और मजबूत किया। जापान की ओर से एकमात्र गोल नुमादा गाकू ने 52वें मिनट में किया।
भारतीय हॉकी ने स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी सदस्यो को डेढ़ लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। इसके साथ ही महिला अंडर-18 टीम के कांस्य पदक जीतने पर प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये और सहयोगी सदस्यों को 50,000 रुपये देने की भी घोषणा की गई।
भारत ने मैच की शुरुआत से ही भारत ने दबदबा बनाते हुए 90 सेकंड में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, जिसे पुर्ती ने गोल में बदल दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत 1-0 से आगे था जबकि जापान ने कुछ आक्रामक प्रयास किए लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति को भेद नहीं सका।
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दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने बढ़त बनाए रखी। जापान ने बराबरी की कोशिश की लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उनके हर प्रयास को नाकाम कर दिया। इसके बाद 28वें मिनट में पुर्ती ने एक और शानदार गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद प्रह्लाद राजभर ने गेंद छीनकर कप्तान कुशवाहा को पास दिया, जिन्होंने सटीक फिनिश कर हाफटाइम तक स्कोर 3-0 कर दिया।
भारत ने तीसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल जारी रखा। वरिंदर सिंह की शानदार मूव के बाद मिले पेनल्टी कॉर्नर को पुर्ती ने 34वें मिनट में गोल में बदलकर हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिलाई।
अंतिम क्वार्टर में जापान ने वापसी की कोशिश की और 52वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 4-1 किया, लेकिन यह केवल सांत्वना भर रहा। इसके बाद जापान को कुछ और मौके मिले, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। पुर्ती को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल कर शीर्ष स्कोरर का खिताब भी हासिल किया।
