Delhi: ईरान के कब्जे में मौजूद एक जहाज पर सवार एक भारतीय नाविक सुरक्षित है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। ईरान ने 22 अप्रैल को जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे दो विदेशी मालवाहक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया था और तीसरे जहाज पर गोलाबारी की थी। उसने यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी किये जाने के जवाब में की थी। ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड ने फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास नामक मालवाहक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया। Delhi:
फ्रांसेस्का पर कोई भारतीय सवार नहीं है, जबकि एपामिनोंडास पर सवार चालक दल के 21 सदस्यों में एक भारतीय है। तीसरे जहाज, यूफोरिया, जो पनामा का ध्वज वाला एक कंटेनर जहाज है, पर 21 भारतीय नाविक सवार हैं।पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।’’एपामिनोंडास जहाज पर 21 सदस्य सवार हैं, जिनमें ज्यादातर यूक्रेन और फिलीपीन के नागरिक हैं। यह जहाज भारत आ रहा था और इस पर एक भारतीय नाविक भी है।Delhi:
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रंधावा ने बताया कि भारतीय नाविक से बात हुई है और वह सुरक्षित है। ईरानी सैनिकों द्वारा कब्जे में लिए जाने के बाद, जहाज के जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर होने की पहले जानकारी मिली थी। बाद में, इसे पूर्वी किनारे पर ले जाया गया, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। Delhi:
जलडमरूमध्य का पश्चिमी किनारा ईरानी सेना के नियंत्रण में है, और संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास करने वाले किसी भी पोत को क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए पूर्व की ओर जाना आवश्यक है।तीसरा जहाज, यूफोरिया, जिसपर 21 भारतीय नाविक सवार हैं, पूर्वी हिस्से में है। रंधावा ने कहा कि पिछले 24 घंटे में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।करीब दो महीने पहले पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में भारतीय स्वामित्व वाला एक जहाज और भारतीय ध्वज वाले 13 जहाज फंसे हुए हैं।Delhi:
