केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कपास उत्पादकता बढ़ाने को 5,659 करोड़ रुपये के मिशन को मंजूरी दी

Cabinet Decision

Cabinet Decision: केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र में घटती वृद्धि, उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मंगलवार को 5,659.22 करोड़ रुपये के एक पंचवर्षीय मिशन को मंजूरी दी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (2026-27 से 2030-31) को मंजूरी दी गई।आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह मिशन कपास क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा।Cabinet Decision

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नवीनतम अनुमानों के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में देश का कपास उत्पादन 170 किलोग्राम की गांठों के हिसाब से 291 लाख गांठ रहा है।यह मिशन सरकार के ‘5एफ विजन’ यानी खेत (फार्म) से रेशा (फाइबर), फाइबर से कारखाना (फैक्ट्री), फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप है और इसका मुख्य जोर कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर रहेगा।बयान में कहा गया कि उच्च उपज देने वाली और रोग-कीट प्रतिरोधी बीज किस्मों के विकास, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार और उनके व्यापक उपयोग के जरिए कपास की उत्पादकता बढ़ाई जाएगी।Cabinet Decision Cabinet DecisionCabinet Decision

इसमें राज्य सरकारों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की भागीदारी होगी।इस मिशन के तहत उद्योग को कम प्रदूषण वाला कपास उपलब्ध कराने और उच्च गुणवत्ता वाले कपास के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक कपास उत्पादन बढ़ाकर 498 लाख गांठ करना है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 440 किलोग्राम से बढ़ाकर 755 किलोग्राम करने की योजना है।इस पहल से करीब 32 लाख किसानों को लाभ मिलने और कपास क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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इस मिशन को कृषि मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय मिलकर लागू करेंगे। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 10 संस्थान, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का एक संस्थान और विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों में संचालित 10 समन्वित अनुसंधान केंद्र शामिल होंगे।शुरुआती चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कपास से रुई निकालने एवं प्रसंस्करण करने वाली करीब 2,000 इकाइयों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

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