Kashi: काशी नगरी अब सिर्फ धर्म और संस्कृति ही नहीं, विज्ञान की नई ऊंचाइयों को भी छू रही है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने खगोल विज्ञान की पढ़ाई को नई दिशा देने के लिए एक अत्याधुनिक तारामंडल की स्थापना की है। ये तारामंडल प्राचीन वैदिक ज्ञान और आधुनिक डिजिटल तकनीक का अनूठा संगम है। BHU के ज्योतिष विभाग में बना ये तारामंडल देखने में हूबहू आकाश जैसा लगता है। यहां एक बड़ा डोम बनाया गया है जो बिल्कुल क्षितिज की तरह दिखता है। इस डोम के अंदर हाईटेक प्रोजेक्टर और आधुनिक मशीनों के जरिए ग्रहों, नक्षत्रों और पूरे ब्रह्मांड को 3D में दिखाया जाता है। छात्र यहां बैठकर रात के आसमान का अनुभव दिन में ही कर सकते हैं।Kashi
BHU ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष शत्रुघ्न त्रिपाठी ने कहा कि “तारामंडल को अगर आप देखें, तो जैसे आकाश में क्षितिज हमको दिखाई देता है। आधे से कम ही भाग हमको दिखाई देते हैं आकाश के। सेम वैसा डोम बना हुआ है। इस डोम में जो आधुनिक मशीन लगी हुई है, प्रोजेक्टर के माध्यम से उसे हम चलाते हैं और बच्चे पढ़ रहे हैं, बड़े उत्साह के साथ। शोध छात्र पढ़ रहे हैं और केवल ज्योतिष विभाग ही नहीं, ये बताते हुए खुशी हो रही है आपको कि विज्ञान संकाय का फिजिक्स के छात्र भी, जिनकी खगोल विज्ञान में रुचि है, वो भी आकर के हमारे यहां शोध कर रहे हैं।”Kashi
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विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि इस तारामंडल का मकसद सिर्फ ज्योतिष विभाग के छात्रों तक सीमित नहीं है। यहां विज्ञान संकाय के फिजिक्स के छात्र भी आकर खगोल विज्ञान पर रिसर्च कर रहे हैं। ये सुविधा पारंपरिक वैदिक अध्ययन को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ती है। इससे प्राचीन ग्रंथों में लिखे खगोलीय सिद्धांतों को आज के विज्ञान के साथ मिलाकर समझा जा सकेगा। तारामंडल में पढ़ने वाले शोध छात्रों का कहना है कि पहले उन्हें किताबों में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति समझनी पड़ती थी, लेकिन अब वे खुद अपनी आंखों से पूरे सौर मंडल को घूमते देख सकते हैं। इससे जटिल थ्योरी भी आसानी से समझ आ जाती है। विज्ञान और ज्योतिष के छात्रों का एक साथ बैठकर अध्ययन करना, BHU को देश का अनोखा केंद्र बना रहा है।Kashi
