Delhi: दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने सोमवार को कहा कि शहर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी और इस दौरान 13,000 से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
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कुमार ने कहा कि शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान जिन मतदाताओं के मकान हाल ही में ध्वस्त किए गए हैं, उनके मामले को भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।उन्होंने बताया कि दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 1,024 है, जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 76,155 है।
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उन्होंने कहा कि राजधानी में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 3,29,130 युवा मतदाता हैं, जबकि 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 192 है। दिल्ली में 13,033 मतदान केंद्र हैं, जो सात लोकसभा और 70 विधानसभा क्षेत्रों में विभाजित हैं। एसआईआर के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां देंगे, जिन्हें 2002 में हुए पिछले एसआईआर के आधार पर अपनी जानकारी भरनी होगी। इनमें से एक प्रति रसीद पावती के रूप में मतदाता के पास रहेगी, जबकि दूसरी प्रति बीएलओ को वापस करनी होगी।
मतदाता अपने गणना प्रपत्र का विवरण ऑनलाइन भी जमा कर सकेंगे। घर-घर सर्वेक्षण के दौरान यदि कोई घर बंद मिलता है, तो संबंधित बीएलओ वहां कम से कम तीन बार जाएगा।घर-घर जाकर सत्यापन अभियान 29 जुलाई तक चलेगा और पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद पांच अगस्त से चार सितंबर तक मतदाता और राजनीतिक दल दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे तथा पांच अगस्त से तीन अक्टूबर के बीच दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
