HARYANA: गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा-‘आज गुरुग्राम की पावन धरती केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है। यह भूमि ज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्टअप, वैश्विक निवेश और आधुनिक अर्थव्यवस्था का ऐसा केंद्र है जो केवल राष्ट्र की प्रगति का नहीं बल्कि भारत की वैश्विक सामर्थ्य का भी प्रतीक है। इस विरासत की धरती पर न्याय का यह आधुनिक तीर्थ टावर ऑफ़ जस्टिस राष्ट्र को हो रहा है समर्पित है’। साथ ही इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी शिरकत की।HARYANA
आगे मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा – ‘इस भव्य भवन के लोकार्पण के अवसर पर सबको हार्दिक अभिनंदन और स्वागत के साथ शुभकामनाएं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत जी की उपस्थिति बताती है कि न्याय के प्रति, कानून के राज के प्रति हमारा संकल्प कितना दृढ़ है। यह भवन भरोसे, संविधान की मर्यादा और करोड़ों नागरिकों के उस विश्वास से बना जो वह हमारी न्यायपालिका पर रखते हैं’।
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‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश जिस तरह इज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत कर रहा है उसी प्रकार हमें इज ऑफ जस्टिस को भी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना होगा। यह नया परिसर डिजिटल युग की भी मिसाल बनेगा। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह भवन मामलों के त्वरित निपटारे में सहायक होगा और न्याय को आम आदमी के और करीब लेकर आएगा। दो टावरों में फैला यह परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक परिसरों में गिना जाएगा। जहां पुराने परिसर में मात्र 45 अदालत में कार्यरत थी वहीं अब 55 अदालत कक्ष यहां न्याय की सेवा करेंगे। यह न्यायिक परिसर आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के विश्वास का केंद्र बनेगा’।
