आत्मनिर्भर भारत: आज मनाया गया PMFME योजना के 2 लाखवें लोन मंज़ूरी का जश्न

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आज PMFME योजना के 2 लाखवें लोन मंज़ूरी का जश्न मनाया गया है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश ने एक और उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 2 लाखवें लाभार्थी’ को सम्मानित किया और उन्हें लोन मंजूरी पत्र और सर्टिफिकेट सौंपा है। केंद्रीय मंत्री ने इसे ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम बताया है।

​आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश ने एक और उपलब्धि हासिल की है।प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज यानी PMFME योजना ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस योजना के तहत अब तक 2 लाख से अधिक माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को लोन मंजूर किया जा चुका है।

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​नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी में PMFME योजना की ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया गया। 2 लाख से अधिक लोन मंजूर होने के साथ ही इस योजना के जरिए अब तक 20,300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतारा जा चुका है।

समारोह के दौरान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रांची, झारखंड के रहने वाले इंद्रजीत सिंह को योजना के ‘2 लाखवें लाभार्थी’ के रूप में सम्मानित किया और उन्हें लोन मंजूरी पत्र और सर्टिफिकेट सौंपा है। इस विशेष भव्य समारोह में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने इस बड़ी उपलब्धि की सराहना की और इसे ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम बताया है।

इस योजना की सबसे ख़ास बात यह है कि इसके 90 फीसदी लाभार्थी पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं, जिन्हें पहली बार व्यापार करने का मौका मिला है। वहीं, 44 फीसदी महिला उद्यमियों की भागीदारी यह साफ करती है कि देश में ‘वूमेन-लेड डेवलपमेंट’ यानी महिलाओं के नेतृत्व में विकास की बयार बह रही है।

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केंद्रीय मंत्री ​चिराग पासवान ने कहा कि- “दो लाख लाभार्थियों का यह आंकड़ा यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री जी का विज़न अब जमीन पर हकीकत बदल रहा है। इसमें करीब 44 प्रतिशत महिला उद्यमियों की भागीदारी ‘विकसित भारत’ के संकल्प की असली ताकत है।

इस मौके पर मंत्रालय के सचिव ए. पी. दास जोशी और संयुक्त सचिव देवेश देवल ने भी देशव्यापी मल्टीमीडिया जागरूकता अभियान की शुरुआत की। साफ है कि PMFME योजना सिर्फ लोन देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह देश के छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को ट्रेनिंग, ब्रांडिंग, तकनीक और बाजार देकर आत्मनिर्भर बना रही है। आत्मनिर्भर भारत से लेकर ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को सच करने में यह योजना बड़ा कदम साबित हो रही है।

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