विनाशकारी बाढ़ से तबाह हुआ नेपाल, मृतकों का आंकड़ा 680 के पार, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी सेना

Nepal:

Nepal: नेपाल के त्रिशूली में सेना का एक केंद्र अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों को जरूरी मदद पहुंचाने में जुटा है।नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से भारी मात्रा में बर्फ और चट्टान टूट कर गिरे, जिससे बुधवार को मध्य नेपाल में पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब आ गया। इस सैलाब ने आसपास के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। घरों, गाड़ियों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।

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सेना के केंद्र में जवान खास कर बुजुर्गों और बच्चों की मदद कर रहे हैं। अस्थायी मेडिकल केंद्रों में घायलों का इलाज किया जा रहा है। बचाए गए, लापता या मारे गए लोगों के बारे में उनके परिवारों को जानकारी भी दी जा रही है।Nepal:

मुश्किल इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। लोग अब भी अपने लापता प्रियजनों के बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाने और लोगों को लाने-ले जाने के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।कई लापता लोगों की तलाश में उनके परिजन भी दूर-दूर तक आपदा वाले इलाके में गए।Nepal:

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खोज और बचाव कार्यों के लिए 11,000 से ज्यादा सुरक्षा कर्मचारी तैनात हैं। इनमें 5,000 से ज्यादा नेपाल की सेना के जवान हैं।देश के मौसम विभाग ने आने वाले समय में बारिश होने का भी अनुमान लगाया है। ये समय बचाव कर्मियों के लिए और मुश्किल हो सकता है।फिलहाल, उनका ध्यान लापता लोगों को तलाशने, बचे हुए लोगों की मदद करने और हालात को सामान्य बनाने की लंबी प्रक्रिया शुरू करने पर है।Nepal:

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