INTERNATIONAL NEWS: संयुक्त राष्ट्र ने भी क्यूबा की बिगड़ती स्थिति को लेकर मानवीय संकट की आशंका जताई है। दूसरी ओर, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने अमेरिकी आरोपों को खारिज किया है और देश के आर्थिक संकट के लिए अमेरिकी नीतियों को जिम्मेदार बताया है।INTERNATIONAL NEWS
INTERNATIONAL NEWS DESK: अमेरिका ने क्यूबा के खिलाफ अपने प्रतिबंधों को और कड़ा करते हुए 3 सितंबर 2026 को नई पाबंदियों का ऐलान किया है। अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के 31 वर्षीय पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो कैलिस को भी प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया है। इसके साथ ही क्यूबा की पांच संस्थाओं पर कार्रवाई की गई है। इनमें सरकारी बैंक Banco Exterior de Cuba, निकेल खनन से जुड़ी दो कंपनियां और ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली दो कंपनियां शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का मकसद क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के आर्थिक और राजनीतिक ढांचे पर दबाव बढ़ाना है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के शासक वर्ग पर आम लोगों की कीमत पर लाभ कमाने और अमेरिकी हितों के लिए खतरा पैदा करने के आरोप लगाए हैं।
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नए प्रतिबंध ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब क्यूबा पहले से ही गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। अमेरिका ने 2026 की शुरुआत से क्यूबा के तेल और ईंधन तक पहुंच को सीमित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। इसका असर देश की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है और क्यूबा में बार-बार बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की स्थिति बनी है। बिजली संकट के कारण परिवहन, कारोबार और जरूरी सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी क्यूबा की बिगड़ती स्थिति को लेकर मानवीय संकट की आशंका जताई है। दूसरी ओर, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने अमेरिकी आरोपों को खारिज किया है और देश के आर्थिक संकट के लिए अमेरिकी नीतियों को जिम्मेदार बताया है। यानी अमेरिका जहां प्रतिबंधों को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों से जोड़ रहा है, वहीं क्यूबा इसे अपने खिलाफ आर्थिक दबाव और हस्तक्षेप की नीति बता रहा है।INTERNATIONAL NEWS DESK
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इन नए प्रतिबंधों को क्यूबा पर अमेरिकी दबाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा अब केवल सरकारी अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग, ऊर्जा, खनन और
दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, क्यूबा से जुड़े प्रतिबंधों के लिए अलग कानूनी व्यवस्था लागू है और OFAC समय-समय पर नई संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रतिबंध सूची में जोड़ रहा है। इसी बीच क्यूबा ने विदेशी निवेश, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए आर्थिक नियम भी जारी किए हैं। ऐसे में आने वाले समय में क्यूबा की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और विदेशी निवेश पर इन अमेरिकी प्रतिबंधों का असर महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि वॉशिंगटन और हवाना के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है।INTERNATIONAL NEWS
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