NEPAL: 170 मीटर गहरी सुरंग में कीचड़ और मलबे के बीच जिंदगी की जंग जीतकर निकले दो हाइड्रोलिक कर्मी, रेस्क्यू टीम ने रचा इतिहास
News Desk: नेपाल में आई विनाशकारी कुदरती आफत के बीच एक ऐसा करिश्मा सामने आया है जिसने पूरे देश में उम्मीद की नई किरण जगा दी है। रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना (Trishuli 3A Hydropower Project) की 170 मीटर गहरी जलमग्न सुरंग में फंसे दो कर्मचारियों को नेपाल सेना और आपदा प्रबंधन टीमों ने 10 दिनों के कड़े संघर्ष के बाद शुक्रवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मलबे, पानी और घने अंधेरे के बीच इतने दिनों तक बिना भोजन के जीवन और मृत्यु से जूझने के बाद मिली यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है।NEPALनेपाल बाढ़
26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर फटने के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई थी। पानी का तेज बहाव, भारी चट्टानें और कीचड़ सीधे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में घुस गए, जिससे वहां काम कर रहे सैकड़ों मजदूर और तकनीशियन अंदर ही trapped हो गए। पिछले 10 दिनों से सुरंग का मुहाना पूरी तरह से कीचड़ से ढका हुआ था।NEPAL
भारी मशीनों, हैवी ब्रेकर्स और लगातार ड्रिलिंग के जरिए नेपाल सेना, पुलिस और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम ने सुरंग का रास्ता साफ किया। 4 सितंबर की सुबह रेस्क्यू टीम को सुरंग के गहरे हिस्से से आवाजें सुनाई दीं, जिसके तुरंत बाद अभियान को तेज कर कबीर महर्जन और संजय साह को मिट्टी में सने हुए लेकिन स्थिर हालत में बाहर निकाला गया।NEPALनेपाल बाढ़
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुरंग के अंदर बने एयर पॉकेट्स (Air Pockets) और पानी की मौजूदगी ने इन दोनों कर्मियों को इतने दिनों तक सांस लेने और जिंदा रहने में मदद की। बाहर लाते ही डॉक्टरों की टीम ने उनका
शुरुआती इलाज किया और आगे के उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल भेजा गया। इस ऐतिहासिक सफलता ने अब उन परिजनों की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं जिनके अपने अब भी विभिन्न सुरंगों में लापता हैं। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, इस सफल ऑपरेशन के बाद अन्य सुरंगों में भी फंसे हुए लोगों को ढूंढने का रेस्क्यू ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।NEPALनेपाल बाढ़
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