India Switzerland Relations : व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी पर जोर, दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
News Desk : स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहे इस दौरे का मकसद भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विस राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ राजकीय सम्मान दिया गया। इसके बाद गाइ पारमेलिन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई दिशा देने वाले कई मुद्दों पर बातचीत हुई।India
Read Also: SIR विवाद में फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, कहा- बदलाव को हमने मंजूरी नहीं दी
इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता हुई। बातचीत में व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, नवाचार, गतिशीलता और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौता और यंग प्रोफेशनल्स समझौता शामिल है। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ाना है। बातचीत में पश्चिम एशिया के संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।India
Read Also: Bihar Crime : 36 घंटे फोन बंद, श्राद्ध में भी नहीं पहुंचा, ऐसे खुला पिता की हत्या का राज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त वक्तव्य में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA के बीच हुए व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और बाजार पहुंच जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। स्विस राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन का यह पहला राजकीय भारत दौरा है। हालांकि वह इसी साल फरवरी में AI Impact Summit में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आ चुके हैं। उनका मौजूदा दौरा 7 अक्टूबर तक चलेगा। इसी दौरान दूसरा भारत-EFTA Prosperity Summit भी आयोजित किया जाएगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का अवसर है।India
