KERLAM: विजयदशमी पर पारंपरिक संस्कार का आयोजन, बच्चों ने अक्षरों की दुनिया की ओर बढ़ाए छोटे-छोटे कदम

KERLAM:

KERLAM: केरलम में बुधवार को, छोटे बच्चे अपने माता-पिता के साथ ‘विद्यारंभम’ के जरिए विजयदशमी मना रहे हैं। यह एक पारंपरिक संस्कार है, जिससे बच्चे की शिक्षा की शुरुआत होती है। इसमें बच्चे अपने जीवन भर सीखने के सफर के लिए आशीर्वाद मांगते हैं और अपने पहले अक्षर लिखना सीखते हैं। तिरुवनंतपुरम के पूजापुरा सरस्वती मंदिर में, छोटे बच्चे अपने माता-पिता की गोद में बैठकर उनसे पहला अक्षर लिखना सीखते दिखे।

READ ALSO-Chandigarh: बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी हरियाणा सरकार, HERC के फैसले को APTEL में देगी चुनौती

इस रस्म की शुरुआत पारंपरिक रूप से ‘हरि श्री गणपतये नमः’ के आह्वान से होती है। बच्चों का हाथ पकड़कर इस मंत्र का पहला अक्षर चावल की थाली या रेत पर लिखाया जाता है और भगवान गणेश से जीवन और शिक्षा में आने वाले सभी विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना की जाती है। सालाना समारोह में एक जाना-पहचाना चेहरा, कांग्रेस नेता शशि थरूर का भी रहा। उन्होंने छोटे बच्चों को अक्षरों की दुनिया में पहला छोटा कदम रखने में मदद की और बताया कि चावल के दानों पर अक्षर कैसे लिखे जाते हैं।KERLAM

माता-पिता के लिए यह मौका खुशी और गर्व से भरा रहा, क्योंकि उनके बच्चे अक्षरों की दुनिया से रूबरू हो रहे थे। पूरे केरलम के मंदिरों में ‘विद्यारंभम’ समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। अलाप्पुझा में, भगवान सुब्रह्मण्य को समर्पित केरलम के सबसे पुराने मंदिरों में से एक, ‘हरिपद श्री सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर’ में इस समारोह के लिए माता-पिता और बच्चों का तांता लगा हुआ है। इस समारोह को ‘एझुथिनिरुथु’ के तौर पर भी जाना जाता है। इस मंदिर में पीढ़ियों से यह रस्म निभाई जा रही है।KERLAM

READ ALSO-UTTARAKHAND के मदरसों में अब शुक्रवार की जगह रविवार को होगी छुट्टी

कोट्टायम में ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती को समर्पित पनाचिक्काडु सरस्वती मंदिर में हजारों लोग उमड़ रहे हैं। यह समारोह सुबह चार बजे गर्भगृह के पास स्थित विद्या मंडपम में शुरू हुआ, जहां लगभग 40 पुजारी औपचारिक शिक्षा की ओर अपना पहला कदम रख रहे बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे थे। विजयदशमी के साथ ही नवरात्रि का समापन भी होता है।KERLAM

इस दौरान किताबों, अध्ययन सामग्री और संगीत वाद्ययंत्रों को पूजा के लिए रखा जाता है और अंतिम दिन उन्हें वापस इस्तेमाल में लाया जाता है। देश के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को विजयदशमी मनाई गई, जबकि केरलम में ये त्योहार एक दिन बाद, बुधवार को मनाया जा रहा है।KERLAM

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *