Haryana – निजीकरण के विरोध में 22 अक्टूबर से चल रहा था आंदोलन, सरकार ने निजी कंपनी के लाइसेंस पर रोक लगाने के लिए धारा 108 के तहत आदेश जारी करने की बात कही….
News Desk : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के बाद कर्मचारी यूनियन ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। कर्मचारी नेता देवेंद्र हुड्डा ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान करते हुए बताया कि सरकार ने बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों को आश्वासन दिया है। हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए और बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कर्मचारियों ने त्योहारों के मौसम में आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए आंदोलन वापस लेने का फैसला किया।
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कर्मचारियों की हड़ताल गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को बिजली वितरण के लिए 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के विरोध में शुरू हुई थी। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग यानी HERC के इस फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान किया था। कर्मचारियों का आरोप था कि इस फैसले से बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण का रास्ता खुल सकता है और सरकारी बिजली निगमों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने का विरोध किया था। उनके मुताबिक, बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत आयोग को निर्देश देने के लिए आदेश पर हस्ताक्षर कर संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। वहीं, कर्मचारियों की जोखिम भत्ता और पदोन्नति कोटा जैसी अन्य मांगों पर चर्चा के लिए 11 नवंबर को बैठक निर्धारित की गई है। सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच बनी सहमति के बाद फिलहाल हड़ताल समाप्त हो गई है।
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