AI Impact Summit: एआई का भविष्य! भारत के लिए अवसर और चुनौतियां

AI Impact Summit: The Future of AI! Opportunities and Challenges for India

AI Impact Summit: गुरुवार, 19 फरवरी को नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के भविष्य के लिए एक ह्यूमन-सेंट्रिक विजन प्रस्तुत किया और तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी के डेमोक्रेटाइजेशन और सभी को एकजुट करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा, “सबकी भलाई और सबकी खुशी हमारा बेंचमार्क है। AI के लिए इंसानों को सिर्फ डेटा पॉइंट या रॉ मटेरियल नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI को डेमोक्रेटाइज़ करना चाहिए और सबको एकजुट करने वाला मॉडल बनाना चाहिए। “हमें AI को आगे बढ़ने का खुला मौका देना चाहिए, लेकिन कमांड हमारे हाथ में ही रहना चाहिए,”…

PM मोदी का ‘MANAV’ फ्रेमवर्क

पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए अप्रोच इस बात पर फोकस होना चाहिए कि AI को AI-सेंट्रिक के बजाय ह्यूमन-सेंट्रिक कैसे बनाया जाए क्योंकि उन्होंने AI गवर्नेंस के लिए ‘MANAV’ फ्रेमवर्क पेश किया….

MANAV का क्या मतलब?

M का मतलब है नैतिक और एथिकल सिस्टम.
A का मतलब है जवाबदेह शासन.
N का मतलब है राष्ट्रीय संप्रभुता.
A का मतलब है सुलभ और समावेशी.
V का मतलब है वैध और जायज़.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रहा है, लेकिन इसके साथ ही यह इंसानी काबिलियत को कई गुना बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि एआई के उपयोग से विकास के नए अवसर मिलेंगे और देश को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमें स्किलिंग, रीस्किलिंग और लाइफलॉन्ग लर्निंग को एक मास मूवमेंट बनाना होगा। काम का भविष्य सबको साथ लेकर चलने वाला, भरोसेमंद और इंसानी सोच वाला होगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई एक बदलाव लाने वाली ताकत है, और इसके उपयोग से भारत को ग्लोबल इकोनॉमी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद मिलेगी।उन्होंने आगे कहा, “इंसानी इतिहास में कुछ ऐसे मोड़ आए हैं, जिन्होंने सदियों को बदल दिया। इन मोड़ों ने सभ्यता की दिशा तय की और विकास की रफ़्तार बदल दी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतिहास में ऐसा ही एक बदलाव है।”

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई के उपयोग से हमें सावधान रहना होगा, ताकि यह हमारे समाज के लिए नुकसानदायक न हो। उन्होंने कहा कि हमें एआई के विकास के लिए एक मजबूत इफ्रास्ट्रक्चर बनाना होगा, जिसमें डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे दौर में जा रहे हैं, जहां इंसान और डिजिटल इंटेलिजेंस मिलकर बनाएंगे और मिलकर आगे बढ़ेंगे। यह हमारे सिस्टम को ज़्यादा स्मार्ट, ज़्यादा कुशल और ज़्यादा असरदार बनाएगा।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई के उपयोग से हमें अपने समाज को अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें एआई के विकास के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनानी होगी, जो हमारे देश के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाए।

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