चरखी दादरी(प्रदीप साहू): आशा वर्कर्स ने अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर सड़कों पर उतरते हुए रोष प्रदर्शन किया।
इस दौरान उन्होंने सरकार पर समझौता होने के बाद भी धरातल पर लागू नहीं करने का आरोप लगाया। सीटीएम को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अल्टीमेटम दिया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तो वे प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग करते हुए आगामी आंदोलन व हड़ताल को लेकर अंतिम निर्णय लेंगे।
आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर जिलेभर की आशा वर्कर्स लघु सचिवालय के बाहर एकजुट हुई और धरना देते हुए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद आशा वर्कर्स लघु सचिवालय पहुंची और सीएम के नाम सीटीएम अमित मान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से वर्ष 2018 में विभिन्न मांगों को लेकर समझौता हुआ था।
जिसमें उनकी मुख्य मांगों में आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने, कोरोना काल में कार्य करने पर स्पेशल भत्ता देने, न्यूनतम 24 हजार वेतन देने, आनलाइन कार्य बंद करने, आशा वर्कर्स पर दर्ज मुकदमें वापिस लेने सहित 15 मांगें शामिल हैं।
हालांकि, सरकार द्वारा वर्ष 2018 में समझौता करते हुए आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बाद भी उनकी मांगों पर कोई विचार तक नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसा ही रहता है तो जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी मीटिंग बुलाकर बड़ा फैसला लेंगे।
यूनियन की जिला प्रधान सीमा रानी ने कहा कि आशा वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। बावजूद इसके सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है।
फिलहाल, आशा वर्कर्स लगातार तीन दिन तक लगातार प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग में आगामी आंदोलन सहित हड़ताल करने का निर्णय लिया जाएगा।
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