Big Update : आजम खान पर 416 करोड़ के कथित घपले में शिकंजा, दोष साबित हुआ तो हो सकती है उम्रकैद

Big Update

Big Update : जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED की शिकायत पर FIR, BNS और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं में जांच शुरू

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े जौहर विश्वविद्यालय मामले में 416.14 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अंतर को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान, ट्रस्ट और अन्य संबंधित संस्थाओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। जांच में विश्वविद्यालय के निर्माण की आकलित लागत और ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में दर्ज खर्च के बीच बड़े अंतर पर सवाल उठाए गए हैं।

Read Also: Big News : मेरठ के अमित हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5) और 318(4) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। BNS की धारा 316(5) के तहत, यदि संबंधित अपराध के आवश्यक तत्व साबित होते हैं, तो आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। वहीं, धारा 318(4) में सात साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में भी अपराध के अनुसार अलग-अलग सजा तय है।

Read Also: Big News : ‘दंड भी धर्म है’, नीले ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने क्यों किया महाभारत का जिक्र?

ED की शिकायत के मुताबिक, विश्वविद्यालय की इमारतों की आकलित लागत 494.46 करोड़ रुपये बताई गई, जबकि ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय दर्ज होने का उल्लेख है। इसी आधार पर 416.14 करोड़ रुपये के अंतर की जांच की जा रही है। फिलहाल मामला जांच के चरण में है। आजम खान को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई नहीं गई है; सजा तभी तय होगी, जब अदालत में आरोप साबित हों और दोषसिद्धि हो।

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *