बजट 2024: बजट पेश होने से पहले पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार को दी ये सलाह

Yashwant Sinha on Budget:

Yashwant Sinha on Budget: पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि आगामी केंद्रीय बजट 2024 में सरकार को महंगाई कम करने और विकास में तेजी लाने पर फोकस करना चाहिए।यशवंत सिन्हा ने कहा, “इस बात की चर्चा ही नहीं है ना पार्लियामेंट में, ना मीडिया में, कहीं पर कि राजकोषीय घाटा क्या है और ऐसा लगता है कि अगर पांच प्रतिशत राजकोषीय घाटा हो गया तो ये उत्सव की बात है कि देखो हमने पांच प्रतिशत बढ़ाया जबकि जैसा मैंने कहां था इसको तीन प्रतिशत तो कई साल पहले, 20 साल पहले इसको तीन प्रतिशत पर लाना चाहिए था। एक तो ये गणित है बजटा का। दूसरा है कि बजट किन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया है। आज की चुनौतियां क्या हैं? बहुत सारी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां हैं। दो जगह अभी युद्ध हो रहा है, इजराइल में और युक्रेन में युद्ध हो रहा है। बहुत तरह की वो समस्याएं हैं।”

Read also-दिल्ली-NCR में आज भी बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

सरकार को ब्याज दर कम करनी चाहिए – यशवंत सिन्हा ने कहा, “दुनिया भर में जो ब्याज का दर है वो बढ़ा और ब्याज का दर बढ़ा होने से पैसे जो आप लोन लेते हैं उसका खर्चा बढ़ जाता है। तो बिजनेस को उसके चलते दिक्कत आती है जो दुनिया भर में बढ़ा हुआ है, लोग इंताजर कर रहे हैं कि इंटरेस्ट रेट कम हो लेकिन अभी कम हुआ नहीं है। भारत में भी इंटरेस्ट रेट बहुत ज्यादा है। आपका एक सवाल था कि आठ प्रतिशत इंटरेस्ट रेट तो मुझे लगता है कि इस पर तो सबकी राय आ गई है कि आठ प्रतिशत नहीं होगा, सात प्रतिशत होगा। लेकिन सात प्रतिशत हो, सात प्रतिशत भी अच्छा है। हालांकि हम को आवश्यकता है आठ प्रतिशत प्लस की, अगर हम आठ प्रतिशत प्लस से ग्रो करेंगे 10 साल तक तब हम जाकर गरीबी से निपटने में सहायता मिलेगी।”

Read also-FIFA Ranking: ताजा फुटबॉल रैंकिंग का हुआ ऐलान, अर्जेंटीना ने मारी बाजी

सरकार के दावों पर भी सवाल उठाया –यशवंत सिन्हा ने कहा “पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ गए। यानि 25 करोड़ लोग कम गरीब बचे हैं, केवल पांच करोड़ लोग गरीब बचे हैं। लेकिन सवाल जो मन में आता है वो ये है अगर पांच ही करोड़ गरीब बचे हैं तो आप 82 करोड़ लोगों को मुफ्त का भोजन क्यों दे रहे हैं। मुफ्त का भोजन सरकार दे रही है ना 82 करोड़ लोगों को, आप कह रहे हैं कि गरीब बस पांच ही करोड़ हैं तो उन्हें ही दीजिए। 82 करोड़ को क्यों दे रहे हैं। ये सब कंट्राडिक्शन हैं। तो देश के भीतर की चुनौती आप जानते हैं क्योंकि विपक्ष इसको बार-बार रेज करता रहा है। बेरोजगारी और महंगाई।”

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *