CM Yogi News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को “भ्रष्टाचार और अराजकता का प्रतीक” बताया और राष्ट्रीय राजधानी के लोगों से पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी की “डबल इंजन वाली सरकार” के लिए वोट देने की अपील की।
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महाकुंभ में लगाई डुबकी- मंगोलपुरी में बीजेपी उम्मीदवार राज कुमार चौहान के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दिल्ली में “बदबूदार यमुना” को लेकर एएपी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की भी आलोचना की।आदित्यनाथ ने हाल ही में चल रहे महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में संगम पर की गई अपनी डुबकी का जिक्र करते हुए कहा, “अगर आपमें नैतिक साहस होता, तो आप एएपी सरकार के मंत्रियों के साथ यमुना में डुबकी लगाते।उन्होंने ये भी दावा किया कि आप ने दक्षिण दिल्ली के ओखला में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को आधार जारी करके “पाप” किया है।
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योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश: दिल्ली के अंदर, दिल्ली के अंदर यहां पर जो राज्य सरकार पिछले 10-11 वर्षों से चल रही है, यहां अराजकता का एक पर्याय बनकर के रह गई है। बहनों और भाईयों देश के अंदर आजाद भारत की पहली ये राज्य सरकार है और पहली पार्टी है, जिस सरकार पर और जिस पार्टी पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हो रखा है। न केवल इनके नेता, बल्कि आम आदमी पार्टी स्वयं भी आज के दिन पर भ्रष्टाचार की अपराधी बनकर के कटघरे में खड़ी हुई है। किस नैतिकता से जनता जनार्धन के पास जाकर के वोट मांग रहे हैं।”
हर-हर गंगे, हर-हर यमुने का लगाया नारा- दिल्ली के अंदर अभी मैं आ रहा था, जब मुझे मंगोलपुरी की सभा में भाग लेने के लिए आना था, गाजियाबाद से मैं बाई रोड आपके पास आया हूं, सड़कें कितनी खराब हैं, अंदाजा लगाना स्वयं कठिन है। आप स्वयं इसका अंदाजा लगा सकते हैं, क्योंकि रोज भुक्तभोगी होते हैं, रोज गिरते हैं, रोज ठोकरे खाते हैं, अंदाजा लगा सकते हैं क्या ये दिल्ली के अंदर की सड़कें होनी चाहिये थीं क्या? सीवर सड़कों पर बह रहा है। पेयजल के लिए आपको टैंकर का सहारा लेना पड़ता है और टैंकर भी प्रतिदिन नहीं आता है। कहीं सप्ताह में एक दिन आता है, कहीं दो दिन आता है। जब मैं गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आ रहा था, तो बहनों और भाईयों यमुना जी जो कभी भारत की पौराणिक नदी के रूप में हम सबकी आस्था की प्रतीक थी, हम लोग तो दो ही नारा लगाते थे, हर-हर गंगे, हर-हर यमुने के नारे लगाते थे, वहां से बदबू आ रही थी, सीवर जैसी बदबू आ रही थी, उस पावन यमुना नदी से।”
