Kerala: केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला संभवतः रविवार तक हो जाएगा। कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने गुरुवार यानी आज 7 मई को यहां हुई कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक के बाद एआईसीसी पर्यवेक्षकों को अपनी राय दी। वट्टियूरकावु से जीतने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने सीएलपी बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि फैसला रविवार तक लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपनी राय दे दी है। मुख्यमंत्री कौन होगा, इसके बारे में रविवार तक पता चल जाएगा।’’ हालांकि, उन्होंने इससे ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया।
विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 102 सीटें मिली हैं और कांग्रेस के 63 विधायक हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री चयन के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षकों को अपनी राय दी। सीएलपी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी आलाकमान को अगला मुख्यमंत्री तय करने का अधिकार दिया गया। इसके बाद पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व को सौंपेंगे, जो अंतिम फैसला लेगा। कांग्रेस सांसद के. सुधाकरन ने यहां एक होटल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन से मुलाकात की। बैठक के बाद सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने ईमानदारी से अपनी राय पार्टी नेतृत्व के सामने रखी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूरी ईमानदारी से अपनी राय दी है।’’ सुधाकरन ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में विधायकों का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वही विधायक दल की रीढ़ होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके समर्थन के बिना विधायक दल को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उम्मीदवार को विधायकों का समर्थन मिलना चाहिए और ये मुख्यमंत्री के हित में भी है।’’ उन्होंने ये भी कहा कि फैसला लेने से पहले वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जो कार्यकर्ता खून-पसीना बहाकर पार्टी के लिए काम करते हैं, उनकी भावनाओं को भी मुख्यमंत्री तय करते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए।’’ सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने किसी विशेष नाम का प्रस्ताव नहीं रखा और ये पार्टी नेतृत्व पर निर्भर है कि वो चर्चा कर फैसला करे। उन्होंने बताया कि केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले वी. डी. सतीशन ने भी एआईसीसी पर्यवेक्षकों के सामने अपनी राय रखी।
Read Also: Paytm को चौथी तिमाही में 183 करोड़ रुपये का मुनाफा
हालांकि, पर्यवेक्षकों से मुलाकात के बाद सतीशन ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. जे. कुरियन ने कहा कि उन्होंने भी अपनी राय पर्यवेक्षकों को बता दी है, लेकिन विवरण साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस में एक व्यवस्था है, जिसके तहत पर्यवेक्षक विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की राय सुनते हैं और फिर पार्टी आलाकमान को रिपोर्ट सौंपते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विधायक जनता द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए उनकी राय बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही पार्टी नेताओं की राय भी ली जा रही है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या बहुसंख्यक विधायकों का समर्थन पाने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा, तो कुरियन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसी खबरें हैं कि अधिकतर विधायक सांसद के. सी. वेणुगोपाल के समर्थन में हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
सीएलपी बैठक के बाद बाहर आने वाले शुरुआती नेताओं में शामिल चांडी ओमन ने कहा कि बैठक में हुई चर्चा का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘पहले हमने बैठक की और मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार एआईसीसी को दिया। इसके बाद व्यक्तिगत बैठकें हुईं। मुझे कुछ जरूरी काम था, इसलिए मेरी राय पहले ली गई।’’ कासरगोड जिले के त्रिक्करिपुर से जीतने वाले संदीप वारियर ने कहा कि सभी परामर्श पूरे होने के बाद पार्टी अंतिम निर्णय लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे समय-सीमा के बारे में जानकारी नहीं है। हर विधायक ने जो कहा, वो पार्टी तक ही सीमित है।’’ एम. लिजू, रमेश पिशारोडी, वी. टी. बलराम और टी. सिद्दीकी समेत कई और विधायकों ने भी सार्वजनिक रूप से अपनी पसंद बताने से इनकार किया। उनका कहना था कि पार्टी नेतृत्व उचित फैसला करेगा। फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए वी. डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और एआईसीसी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के नामों पर चर्चा हो रही है।
