Delhi: भारत अब तकनीक के क्षेत्र में सिर्फ दुनिया का अनुसरण नहीं कर रहा, बल्कि नेतृत्व कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 12 उभरते हुए AI स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता की है। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026′ के तहत चुने गए इन स्टार्टअप्स ने दिखाया कि कैसे भारत की मेधा स्वास्थ्य सेवा से लेकर इंजीनियरिंग तक, दुनिया की दिशा बदलने के लिए तैयार है। Delhi:
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दिल्ली के इस गोलमेज सम्मेलन में भारत के तकनीकी भविष्य की नई इबारत लिखी गई। प्रधानमंत्री के सामने वो 12 स्टार्टअप्स थे, जिन्होंने ‘AI फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज’ में बाजी मारी है। ये स्टार्टअप्स केवल सॉफ्टवेयर नहीं बना रहे, बल्कि हेल्थकेयर, बहुभाषी LLM (Large Language Models), डेटा एनालिटिक्स और इंजीनियरिंग सिमुलेशन जैसे जटिल क्षेत्रों में समाधान पेश कर रहे हैं।बैठक के दौरान स्टार्टअप संस्थापकों ने इस बात पर जोर दिया कि अब वैश्विक AI इनोवेशन का केंद्र तेजी से भारत की ओर स्थानांतरित हो रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा बनाए गए मजबूत AI इकोसिस्टम की सराहना की।Delhi:
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प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स को आश्वासन दिया कि उनके नवाचार की सफलता के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य ऐसे AI मॉडल विकसित करना है जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हों, बल्कि सामाजिक रूप से भी उत्तरदायी हों।इस बैठक ने साफ कर दिया है कि भारत ‘AI फॉर ऑल’ के विजन के साथ दुनिया को एक समावेशी तकनीक देने की राह पर है। जहाँ दुनिया एआई के खतरों पर चर्चा कर रही है, वहीं भारत इसके जरिए आम जनजीवन को सुलभ बनाने पर काम कर रहा है।Delhi:
