Delhi: ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और छह बार की विश्व चैम्पियन भारतीय मुक्केबाज एम सी मैरीकॉम ने रविवार को कहा कि वह पेशेवर मुक्केबाजी में उतर सकती हैं। लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी 43 वर्ष की मैरी कॉम ने कहा कि अमैच्योर सर्किट पर खेलने के लिये अब उनकी उम्र निकल चुकी है।Delhi:
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उन्होंने ‘संडे ऑन साइकिल्स’ कार्यक्रम से इतर कहा,‘‘ छह विश्व चैम्पियनशिप जीतना खास रहा। अब मैं उस उम्र में हूं कि देश के लिए अमैच्योर सर्किट पर नहीं खेल सकती। पेशेवर मुक्केबाजी एक नया मौका हो सकता है।’’उन्होंने कहा,‘‘अभी इस बारे में सोच रही हूं। मैं कड़ी मेहनत करके वापसी की कोशिश में हूं ताकि लोगों को बता सकूं कि मैं क्या कर सकती हूं ।’’Delhi:
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उन्होंने कहा ,‘‘ मैं निजी तौर पर अपनी अकादमी से भी जुड़ी हूं। मैं मणिपुर आती जाती रहती हूं। कई बार मणिपुर के मौजूदा हालात के कारण मुश्किल हो जाती है लेकिन मैं जब नहीं जा पाती हूं तो भी फोन कॉल से अकादमी का कामकाज देखती हूं।’मणिपुर के एक गरीब किसान परिवार में जन्मीं मैरी कॉम का पूरा नाम मंगते चुंगनेइजैंग ‘मैरी’ कॉम है। बचपन से ही वह एक प्रतिभाशाली एथलीट थीं। 1998 के एशियन गेम्स में मणिपुर के डिंको सिंह की गोल्ड मेडल जीत से प्रेरित होकर उन्होंने बॉक्सिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया।अपने सपने को पूरा करने के लिए मैरी कॉम ने 15 साल की उम्र में घर छोड़कर इम्फाल स्पोर्ट्स अकादमी में ट्रेनिंग शुरू की।
