Delhi: कैबिनेट का बड़ा फैसला, दिल्ली-एनसीआर से ​पुरानी बसें और ट्रक सड़कों से होंगे बाहर

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Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली-एनसीआर में चलने वाले पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए एक मेगा स्कीम को मंजूरी दे दी है। दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के आते ही हवा में जो जहर घुल जाता है, उसकी एक बड़ी वजह सड़कों पर दौड़ने वाले पुराने कमर्शियल वाहन हैं। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मोदी सरकार ने एक मास्टरप्लान तैयार किया है। इस नई स्कीम को नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड यानी NCRPB के जरिए फंड किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये देगी, जबकि संबंधित राज्यों से 1,601 करोड़ रुपये की टैक्स छूट मिलेगी। इस योजना में दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र शामिल होंगे।

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​आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में ट्रकों और बसों की हिस्सेदारी सिर्फ 3 फीसदी है, लेकिन पीएम 2.5 (PM 2.5) प्रदूषण में इनका योगदान अकेले 36 फीसदी है! एक पुराना भारी वाहन, आज के नए BS-6 वाहन के मुकाबले 14 गुना ज्यादा प्रदूषण फैलाता है। सरकार की इस योजना से करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों को सीधा फायदा होगा, जिसमें 1 लाख 91 हजार ट्रक और 16 हजार से ज्यादा बसें शामिल हैं।इस योजना के तहत नियम बिल्कुल साफ तय किए गए हैं: -​BS-3 या उससे पुराने वाहनों को सीधे मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर में कबाड़ (Scrap) करना जरूरी होगा। ​BS-4 वाहनों को या तो स्क्रैप करना होगा या फिर उन्हें एनसीआर से बाहर किसी गैर-प्रदूषित शहर में बेचना होगा। नई गाड़ी को दिल्ली-एनसीआर में ही रजिस्टर कराना होगा।दिल्ली के लिए विशेष नियम: दिल्ली में इस योजना के तहत खरीदे जाने वाले छोटे मालवाहक वाहन  सिर्फ इलेक्ट्रिक होने चाहिए, और बसें सिर्फ BS-6 CNG या इलेक्ट्रिक ही हो सकती हैं।यह योजना सरकारी वाहनों पर लागू नहीं होगी। De lhi:

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सरकार ने गाड़ी मालिकों को नई गाड़ियां खरीदने के लिए बंपर इंसेंटिव्स का ऐलान किया है: ​ब्याज में छूट: -नए वाहन के लिए लोन लेने पर केंद्र सरकार 5 साल तक 5% की ब्याज छूट (Interest Subvention) देगी।फ्री फ्यूल वाउचर: गाड़ी की कैटेगरी के हिसाब से हर महीने 4,800 रुपये तक के ईंधन वाउचर मिलेंगे।टैक्स में भारी छूट:  राज्य सरकारें नए वाहनों पर 100% तक और पुराने वाहनों पर 50% तक रोड टैक्स की छूट देंगी। साथ ही, पुरानी गाड़ियों का पिछला सारा बकाया (Liabilities) भी माफ कर दिया जाएगा।बंपर डिस्काउंट:  ऑटो कंपनियां (OEMs) नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत पर 8% की सीधी छूट देंगी। Delhi:

पारदर्शी और डिजिटल सिस्टम – इस पूरी योजना को पूरी तरह डिजिटल रखा गया है। एक इंटीग्रेटेड पोर्टल के जरिए real-time में एलिजिबिलिटी चेक होगी और फ्यूल वाउचर सीधे अकाउंट में क्रेडिट होंगे। खास बात यह है कि भले ही इस योजना में रजिस्ट्रेशन की खिड़की 2 साल के लिए खुली है, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाले फायदे गाड़ी रजिस्ट्रेशन की तारीख से अगले 5 सालों तक जारी रहेंगे। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक एम्पावर्ड कमेटी और जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट इस पूरी योजना की निगरानी करेंगे।साफ है कि सरकार का यह कदम दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा को बदलने में एक ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ प्रदूषण कम होगा, बल्कि गाड़ी मालिकों को भी अपनी पुरानी गाड़ियों को अपग्रेड करने का एक सुनहरा मौका मिलेगा। Delhi:

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