Delhi: रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए एक महा-योजना की घोषणा की है। मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि आने वाले 52 हफ्तों में 52 बड़े रिफॉर्म किए जाएंगे। यानी हर हफ्ते रेल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा एक नया सुधार धरातल पर उतरेगा।इस बार सबसे बड़ा फोकस स्वच्छता और हाइजीन पर है। अक्सर उपेक्षा का शिकार होने वाले जनरल कोच अब चमकते नजर आएंगे।
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रेलमंत्री के निर्देशों के अनुसार-हर जनरल कोच की शत-प्रतिशत क्लीनिंग सुनिश्चित की जाएगी।सफाई की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी ताकि कोताही की कोई गुंजाइश न रहे।इसके लिए एक इंटीग्रेटेड सिस्टम लागू किया जा रहा है जो पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करेगा।
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जवाबदेही का नया दौर:-सर्विस प्रोवाइडर की जवाबदेही तय होगी; काम में ढिलाई पर होगी सख्त कार्रवाई।रूट्स बेस्ड टीमें बनाई जाएंगी जो विशिष्ट मार्गों की देखभाल करेंगी।ये टीमें मल्टी-टास्किंग होंगी, जिससे कार्यक्षमता में इजाफा होगा।जोनल वाइज लंबी दूरी की ट्रेनों (Long Route Trains) को प्राथमिकता दी जाएगी।रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे की सुरक्षा पर भी फोकस करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी दी है और सुरक्षा कवच को लेकर कहा है कि इसको लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
सिर्फ यात्री सुविधाएं ही नहीं, बल्कि रेलवे की कमाई और लॉजिस्टिक्स को भी नई मजबूती दी जा रही है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के काम में तेजी लाई जाएगी और अगले 5 वर्षों में इनकी संख्या बढ़ाकर 500 कर दी जाएगी। इससे माल ढुलाई सुगम होगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।साफ है कि भारतीय रेलवे अब ‘चलता है’ वाले रवैये को छोड़कर ‘जवाबदेही’ के ट्रैक पर लौट रही है।
