Haryana: कुरुक्षेत्र में आज ‘सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र’ विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने नारी शक्ति को राष्ट्र निर्माण का मूल आधार बताते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “हम आज नारी शक्ति की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए हैं। नारी सम्मान केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्र उत्थान का मूल आधार है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वह समय है जब संसद में महिलाओं के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बहन-बेटियों को वर्ष 2029 में ही विधान पालिकाओं में 33% आरक्षण देने का प्रयास किया, लेकिन नारी विरोधी शक्तियों ने इसे रोकने के लिए अपना पूरा दमखम लगा दिया। उन्होंने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल कानून नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और उनकी भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प है। गत 16-17 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में लाए गए संशोधन विधेयक को कुछ दलों ने तकनीकी बहानों और भ्रामक तर्कों से बाधित करने का प्रयास किया। यह सब केवल राजनीतिक स्वार्थ और सत्ता की लालसा का नतीजा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के चार स्तंभ बताए हैं जिनमें गरीब, किसान, महिला और युवा शामिल हैं। खेती-बाड़ी, पशुपालन और घरेलू उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान प्राचीन काल से ही रहा है। राष्ट्र की रक्षा में भी महिलाओं की वीरता के गौरवशाली उदाहरण हैं। “आधुनिक काल में भी महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में अपनी बुद्धिमत्ता, दक्षता और क्षमता की धाक जमा रही हैं। आज जब देश की बेटियां स्टार्टअप्स चलाती हैं या वैज्ञानिक बनती हैं तो वह पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा करती हैं”।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से नारी उत्थान शुरू किया। इसके बाद विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के उत्थान का महान प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार भी महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि पहली लोकसभा में जहां 22 महिला सांसद चुनकर गईं, वहीं आठवीं लोकसभा में 44 और वर्तमान 18वीं लोकसभा में 75 महिला सदस्य संसद पहुंची हैं।
हरियाणा बनने से अब तक 99 महिलाएं विधायक चुनी गईं। स्थानीय निकाय चुनाव में इस समय 1555 चुने हुए प्रतिनिधियों में से 682 महिलाएं हैं, जो कि 44 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नारियों के मान-सम्मान का जो अभियान पिछले 12 वर्षों से चलाया वह अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक पहुंच गया है। यह महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्य धारा में लाने का ऐतिहासिक कदम है।
