Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के 43वें वार्षिक मेले में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत। नकोदर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन। अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के डेरे पर आयोजित तीन दिवसीय मेले में आना मेरा परम सौभाग्य। ये तीन दिवसीय मेला केवल एक उत्सव नहीं है आत्मा से जुड़ाव, दिलों की नजदीकी और रूहानी संदेशों की पुन: स्थापना का प्रयास। इस पावन आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों और आयोजकों को हार्दिक शुभकामनाएं।
LIVE: Annual Function Celebration at Almast Bapu Lal Badshah Ji (Nakodar, Punjab) https://t.co/kifAiZnkaW
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) July 20, 2026
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भारतवर्ष एक ऐसा देश जहां विविधता में भी है एकता। इसी विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का काम सूफी संतों ने किया। नकोदर की यह धरा सिर्फ पंजाब की नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की अमूल्य धरोहर।यह भूमि बुल्ले शाह, बाबा मुराद शाह और श्री अलमस्त बापू लाल बादशाह की जैसी रूहानी शख्सियतों से जुड़ी। महान सूफी संत अलमस्त बापू लाल बादशाह जी का जीवन भी प्रेम, सेवा, समानता और इंसानियत की अद्भुत मिसाल।
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हरियाणा भी सूफी परंपरा से अछूता नहीं। जींद, हिसार, मेवात, पलवल, फरीदाबाद और पानीपत जैसे जिलों में कई पीर फकीर आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं। हमारी सरकार ने न केवल धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रयास किए बल्कि सांस्कृतिक मेलों और रूहानी कार्यक्रमों को भी दिया बढ़ावा।हमारे युवा पीर फकीरों, संत महात्माओं और ऋषि मुनियों के दिखाए मार्ग को समझें और उसे अपने जीवन में उतारे। हमें जात-पात, धर्म, भाषा, क्षेत्रवाद की दीवारें तोड़ कर ऐसे भारत की ओर बढ़ना है जहां हर नागरिक सिर्फ इंसानियत के नाम से पहचाना जाए।यह वार्षिक मेला सदैव इसी प्रकार श्रद्धा, सेवा, भाईचारे और मानवता का देता रहे संदेश ऐसी मेरी कामना।
