Haryana: हरियाणा के झज्जर में अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ संभावित कृषि समझौतों के विरोध में किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसान यूनियन चढूनी के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कृषि समझौते देश के किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं।
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प्रदर्शन के दौरान यूनियन के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने अमेरिका या अन्य देशों के साथ कृषि समझौते किए तो इसका सीधा असर देश के छोटे और मध्यम किसानों पर पड़ेगा। उनका मानना है कि इससे कृषि क्षेत्र में कॉरपोरेट हस्तक्षेप बढ़ेगा और किसानों की आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। किसान नेता तेजबीर ने प्रदर्शन के दौरान चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में कोई भी कदम उठाया तो पूरे देश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई भी फैसला लेना चाहिए। तेजबीर ने स्पष्ट किया कि किसान किसी भी हालत में अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शन के अंत में यूनियन के सदस्यों ने तहसीलदार शेखर नरवाल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों की चिंताओं और मांगों को विस्तार से रखा गया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय कृषि समझौते से पहले किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। वहीं,किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
