Major ऋषभ सिंह संब्याल को कितनी पेंशन मिलेगी? 30 की उम्र में लिया रिटायरमेंट

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12 साल की सैन्य सेवा के बाद समय से पहले रिटायर हुए Major ऋषभ सिंह संब्याल, जानिए पेंशन और रिटायरमेंट लाभों से जुड़े नियम

News Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और सोशल मीडिया पर चर्चित रहे Major ऋषभ सिंह संब्याल ने 30 साल की उम्र में भारतीय सेना से समय से पहले रिटायरमेंट लिया है। उन्होंने करीब 12 साल तक सेना में सेवा दी। इस दौरान उनकी तैनाती लद्दाख जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी रही। वह 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज का हिस्सा रहे और बाद में राष्ट्रपति भवन में एडीसी की जिम्मेदारी संभाली। कम उम्र में रिटायरमेंट लेने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उनकी पेंशन को लेकर है। सेना में अधिकारियों को रिटायरिंग पेंशन के लिए तय न्यूनतम अवधि की सेवा पूरी करनी होती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सामान्य तौर पर रिटायरिंग पेंशन के लिए 20 साल की क्वालिफाइंग सर्विस जरूरी होती है। हालांकि कुछ परिस्थितियों में कम अवधि की सेवा वाले अधिकारियों के लिए अलग प्रावधान भी हैं।Major

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आर्मी पेंशन रेगुलेशन के अनुसार, कुछ मामलों में 15 साल की सर्विस पूरी करने वाले अधिकारियों को पेंशन के लिए पात्र माना जा सकता है। स्रोत में बताया गया है कि तय उम्र से पहले कंपल्सरी रिटायरमेंट की स्थिति में कम से कम 15 साल की सेवा वाले लेट एंट्रेंट को 5 साल की छूट के साथ पेंशन का लाभ मिल सकता है। लेकिन मेजर ऋषभ सिंह संब्याल की करीब 12 साल की सेवा इस दायरे से कम है। ऐसे में उपलब्ध जानकारी के आधार पर उन्हें नियमित मासिक रिटायरिंग पेंशन मिलने की पात्रता नहीं बनती। हालांकि पेंशन का पात्र नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि रिटायरमेंट के समय उन्हें कोई लाभ नहीं मिलेगा। कम सर्विस पर रिटायर होने वाले अधिकारियों को नियमों के तहत दूसरे टर्मिनल बेनिफिट मिल सकते हैं।Major

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Major ऋषभ सिंह संब्याल को मासिक पेंशन के बजाय रिटायरमेंट या सर्विस ग्रेच्युटी जैसे एकमुश्त लाभ मिल सकते हैं। इसके अलावा सेवा के दौरान जमा प्रोविडेंट फंड, बची हुई छुट्टियों के बदले भुगतान और अन्य टर्मिनल बेनिफिट भी नियमों के अनुसार मिल सकते हैं। इन लाभों की राशि उनकी सेवा और लागू नियमों पर निर्भर करेगी। सेना में अधिकारियों के लिए प्रीमैच्योर रिटायरमेंट का प्रावधान आर्मी रूल्स 1954 के तहत है और इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होती है। यानी 30 साल की उम्र में सेना छोड़ने के बाद मेजर ऋषभ को नियमित मासिक पेंशन मिलने की उम्मीद नहीं है, लेकिन रिटायरमेंट से जुड़े अन्य वित्तीय लाभ मिल सकते हैं।

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