Iran Israel War: इजराइल ने शुक्रवार को ईरान पर नए सिरे से हमले शुरू किए जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध खत्म करने के लिए सार्थक बातचीत जारी है।ट्रंप ने होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा आगे बढ़ा दी, हालांकि ईरान के झुकने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।इजराइल की सेना ने कहा कि शुक्रवार को तेहरान में हमले करते हुए बैलिस्टिक मिसाइल और अन्य हथियार बनाने के ठिकानों को निशाना बनाया गया।Iran Israel War:
सेना ने कहा कि इसके अलावा पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर और भंडारण स्थलों पर भी हमले किए गए।इजराइल में भी हवाई हमले के सायरन बजे और सेना ने कहा कि वह ईरान की मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रही है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि ईरान पर हमले “और तेज होंगे व इनका दायरा फैलेगा।Iran Israel War:
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काट्ज ने एक बयान में कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “ईरानी आतंकवादी शासन को चेतावनी दी थी कि वह इजराइल की नागरिक आबादी पर मिसाइल नहीं दागे।”उन्होंने कहा, “चेतावनियों के बावजूद मिसाइल हमले हो रहे हैं, इसलिए ईरान पर हमले बढ़ेंगे और हथियार बनाने व चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले क्षेत्रों पर भी हमले होंगे। उन्हें इस युद्ध अपराध की बड़ी कीमत चुकानी होगी।”वहीं, खाड़ी देशों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहे, जिसकी वजह से बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अलर्ट जारी किया गया।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने राजधानी रियाद को निशाना बनाने वाली मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया। कुवैत ने कहा कि उसके दोनों बंदरगाहों शुवेख बंदरगाह और उत्तर में स्थित मुबारक अल कबीर बंदरगाह को हमलों में ‘‘नुकसान’’ हुआ।मुबारक अल कबीर बंदरगाह का चीन की “बेल्ट एंड रोड” योजना के तहत निर्माण किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह पहली बार है जब खाड़ी क्षेत्र में चीन से जुड़ी किसी परियोजना पर हमला हुआ है। इस संघर्ष के दौरान, चीन ने ईरानी कच्चे तेल की खरीद जारी रखी है।शेयर बाजारों में गिरावट और पश्चिम एशिया के बाहर युद्ध का आर्थिक प्रभाव फैलने के बाद ट्रंप पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह होर्मुज जलडमरुमध्य से ईरान का नियंत्रण खत्म करवाएं। यह एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए आमतौर पर दुनियाभर में 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है।Iran Israel War:
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अमेरिका ने युद्धविराम के लिए ईरान के सामने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव पेश करने का दावा किया है, जिनमें इस जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण खत्म करना भी शामिल है। साथ ही, अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश भी दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह इस अहम समुद्री मार्ग पर सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है।ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे में जलमार्ग नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर दिया जाएगा।Iran Israel War:
बाद में, उन्होंने इस समयसीमा को बढ़ाकर पांच दिन कर दिया था। गुरुवार को उन्होंने इसे छह अप्रैल तक बढ़ा दिया और कहा कि सार्थक बातचीत हो रही है। हालांकि, ईरान का कहना है कि वह किसी भी तरह की बातचीत में शामिल नहीं है।इस बीच, युद्ध शुरू होने के बाद वॉल स्ट्रीट में सबसे खराब गिरावट देखी गई, और एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई।तनाव कम होने की संभावनाओं पर संदेह बढ़ने के कारण तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं। ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो 28 फरवरी को ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद से 45 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्शाती है।Iran Israel War:
ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका ने संघर्षविराम की संभावना के लिए ईरान को 15 बिंदुओं की एक सूची सौंपी है। इस सूची में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरुमध्य को फिर से खोलने जैसी शर्तें शामिल हैं।ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और अपनी ओर से पांच बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है, जिसमें युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और होर्मुज जलडमरुमध्य पर उसकी संप्रभुता को मान्यता देने की मांग शामिल है। कई देशों के राजनयिक अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच सीधी वार्ता कराने की कोशिश कर रहे हैं। यह वार्ता संभवतः पाकिस्तान में आयोजित की जा सकती है। Iran Israel War:
